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पंजाब में स्कूल की एक छोटी सी सजा और 11वीं के छात्र ने दे दी जान, प्रिंसिपल की प्रताड़ना का खौफनाक अंजाम

गुरदासपुर: होशियारपुर के एक कॉन्वेंट स्कूल में छोटी सी गलती पर दी गई सजा ने एक हंसते-खेलते 15 वर्षीय छात्र की जान ले ली। गुरदासपुर के काहनूवान के गांव झंडा लुबाणा निवासी 11वीं के छात्र नवजोत ने स्कूल प्रिंसिपल द्वारा कैबिन के बाहर खड़ा करने की सजा से आहत होकर जहर निगल लिया। करीब तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद शुक्रवार को नवजोत ने दम तोड़ दिया। परिवार ने भारी मन से अपने लाडले के सिर पर सेहरा सजाकर उसे अंतिम विदाई दी। इस हृदयविदारक घटना के बाद गुरदासपुर पुलिस ने स्कूल के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है।

फर्स्ट फ्लोर पर जाने की मिली इतनी खौफनाक सजा

मृतक छात्र के क्लासमेट हरमन सिंह ने बताया कि नवजोत 27 अप्रैल को उससे मिलने आया था और उसने किसी दोस्त से मिलने के लिए फर्स्ट फ्लोर पर जाने की बात कही थी। जब दोनों फर्स्ट फ्लोर के दूसरे कॉरिडोर में पहुंचे, तो वहां गुरप्रीत मैडम को देखकर वापस लौटने लगे। इसी दौरान नीचे आते समय एक अन्य मैडम ने उन्हें देख लिया। मैडम ने नवजोत को पहचानते हुए चेतावनी दी कि चार दिन पहले ही एक छात्र को टीसी (TC) दी गई है और अब तुम दोनों की बारी है। इसके बाद स्कूल प्रिंसिपल ने उन्हें सजा के तौर पर लगातार दो पीरियड तक अपने कैबिन के बाहर खड़ा रखा।

क्लासमेट्स के सामने जलील होने का डर और दे दी जान

परिजनों के अनुसार, 27 अप्रैल को स्कूल में हुई इस घटना के बाद से नवजोत गहरे सदमे में था। पूरी क्लास के सामने हुए इस अपमान से वह इस कदर आहत हुआ कि उसे लगा कि अब वह स्कूल जाएगा तो उसे दोस्तों के सामने फिर से जलील होना पड़ेगा। इसी शर्म और मानसिक दबाव के चलते उसने घर आकर कोई जहरीली वस्तु निगल ली। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 1 मई को उसकी सांसें थम गईं।

छोटी-छोटी बातों पर टीसी देने की दी जाती है धमकी

इस घटना ने स्कूल प्रबंधन के रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल दसूहा के अन्य छात्रों ने खुलासा किया है कि उनके साथ आए दिन इसी तरह का अमानवीय व्यवहार किया जाता है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें छोटी-छोटी बातों पर स्कूल से निकाल देने की धमकियां मिलती हैं। यहां तक कि परना बांधने या काले रंग की पगड़ी पहनने पर भी उन्हें परेशान किया जाता है। छात्रों को साइड में खड़ा करके उन्हें बेइज्जत और मानसिक रूप से टॉर्चर करने का आरोप स्कूल प्रशासन पर लगा है।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, स्कूल प्रबंधन पर लटकी तलवार

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। डीएसपी कुलवंत सिंह मान ने बताया कि 27 अप्रैल की घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान होकर छात्र नवजोत ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मृतक छात्र की मां के बयानों के आधार पर थाना भैणी मियां खान में बीएनएस (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत एफआईआर नंबर 50 दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

In Punjab, a minor school punishment leads to an 11th-grade student taking his own life