मोहाली: पंजाब में अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और मोहाली (एसएएस नगर) पुलिस को एक बड़ी और अहम कामयाबी हाथ लगी है। संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पुलिस ने विदेशी गैंगस्टरों के एक बेहद खास गुर्गे को गिरफ्तार कर लिया है। इस आरोपी की गिरफ्तारी से ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) में होने वाली कई बड़ी और खौफनाक वारदातों को समय रहते टाल दिया गया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के पास से .32 बोर की एक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
विदेश में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर कर रहा था काम
पुलिस की प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किया गया यह गुर्गा सीधे तौर पर विदेश में बैठे अपने गैंगस्टर आकाओं के संपर्क में था और उन्हीं के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियों को मिले अहम इनपुट्स के अनुसार, विदेशी हैंडलर्स ने इस आरोपी को ट्राइसिटी क्षेत्र में कई टारगेट दिए थे, जिन्हें यह जल्द ही निशाना बनाने वाला था। इन टारगेट्स में कई संगीन आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की पूरी रूपरेखा तैयार की जा चुकी थी और इसकी प्लानिंग काफी लंबे समय से चल रही थी।
हथियारों की सप्लाई के साथ चल रही थी इलाके की रेकी
सूत्रों का कहना है कि यह गुर्गा हर छोटी-बड़ी गतिविधि के लिए विदेशी आकाओं से निर्देश लेता था। वह अपने टारगेट्स को अंजाम तक पहुंचाने के लिए इलाके की रेकी यानी जासूसी का काम भी कर रहा था। वारदात को पूरी सटीकता के साथ अंजाम देने के लिए उसे हथियार भी उपलब्ध करवा दिए गए थे। हालांकि, एजीटीएफ और मोहाली पुलिस की मुस्तैदी और तुरंत की गई कार्रवाई के कारण इस खतरनाक मंसूबे पर पानी फिर गया। सुरक्षा एजेंसियों का स्पष्ट मानना है कि अगर यह आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ता, तो वह यकीनन ट्राइसिटी में किसी बहुत बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देकर दहशत फैला देता।
अब पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगालने में जुटी एजेंसियां
इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि इस गुर्गे का किसी बड़े स्लीपर सेल या मॉड्यूल से तो कोई सीधा संबंध नहीं है। फिलहाल, पूरे नेटवर्क के आगे-पीछे के तार जोड़े जा रहे हैं। जांच टीमें यह पता लगाने की पूरी कोशिश कर रही हैं कि इस गैंग के तार किन-किन शहरों और लोगों से जुड़े हैं, इन्हें वारदातों के लिए फंडिंग कहां से की जा रही थी और अवैध हथियारों की सप्लाई का मुख्य सोर्स क्या है। पुलिस आरोपी से लगातार कड़ी पूछताछ कर रही है, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल्स और डिजिटल ट्रेल की मदद से इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं ताकि इसके अन्य साथियों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।

Major Conspiracy to Terrorize the Tricity at the Behest of Foreign Handlers








