मोहाली: पंजाब के मोहाली से एक बेहद हैरान करने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक नामी प्राइवेट स्कूल के ग्राउंड में खेल रहे मासूम बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। इस हमले में करीब 40 बच्चे बुरी तरह घायल हो गए। आनन-फानन में स्कूल मैनेजमेंट ने सभी घायल बच्चों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां दर्द से तड़पते बच्चों की चीख-पुकार मच गई। दूसरी तरफ, घटना की जानकारी मिलते ही बदहवास परिजन अस्पताल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन की इस घोर लापरवाही पर जमकर हंगामा काटा।
फीस के लिए तुरंत कॉल, जान पर बन आई तो साधी चुप्पी
यह पूरी घटना फेज-7 स्थित एक प्राइवेट स्कूल की है। घटना के बाद स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। परिजनों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने उन्हें कोई भी आधिकारिक सूचना नहीं दी। गुस्साए अभिभावकों का कहना है कि अगर एक दिन भी फीस लेट हो जाए तो स्कूल से तुरंत फोन आ जाता है और बच्चे को क्लास में बैठने तक नहीं दिया जाता, लेकिन जब बच्चों की जान पर बन आई तो प्रबंधन ने पूरी जानकारी छिपाने की कोशिश की। कई परिजनों को तो घटना का पता अपने करीबियों या अन्य अनजान लोगों के फोन से चला, जिसके बाद वे भागते हुए अस्पताल पहुंचे।
दर्द से तड़पते रहे बच्चे, पेरेंट्स ग्रुप में मैसेज तक नहीं डाला
अस्पताल पहुंचे एक छात्र के पिता सोनू ने बताया कि उनका बेटा सातवीं कक्षा में पढ़ता है और जब वह अन्य बच्चों के साथ ग्राउंड में खेल रहा था, तभी यह हमला हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल वालों को सिर्फ अपनी फीस की चिंता होती है। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के बाद पेरेंट्स के आधिकारिक वॉट्सऐप ग्रुप तक में कोई अलर्ट मैसेज नहीं डाला गया। एक महिला अभिभावक ने गुस्से और रुंधे गले से बताया कि उनका बच्चा काफी सेंसिटिव है। बच्चे दर्द से कराह रहे थे, लेकिन उन्हें बस में भी नहीं चढ़ने दिया गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ लोग उन्हें घटना का वीडियो बनाने से भी रोक रहे थे।
डॉक्टर बोले- शरीर पर 6 से 7 जगह मिले डंक के निशान
इस दर्दनाक वाकये पर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर अमित अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 35 से 40 बच्चों को इलाज के लिए इमरजेंसी में लाया गया था। मधुमक्खियों ने बच्चों को बेहद बुरी तरह निशाना बनाया है। अधिकतर बच्चों की छाती, पीठ और चेहरे पर मधुमक्खियों ने काटा है और प्रत्येक बच्चे के शरीर पर छह से सात जगह डंक के निशान मौजूद थे। बच्चों को डंक की वजह से काफी तेज दर्द हो रहा था और वे सहमे हुए थे। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को घर भेज दिया गया, जबकि ज्यादा तकलीफ वाले बच्चों को एक से दो घंटे के ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

Honeybees Attack 40 Children Playing on the Ground, Triggering Screams and Chaos








