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पंजाब में फर्जी विजिलेंस अफसर की गुंडागर्दी, चालान कटने के डर से ट्रैफिक पुलिस की वर्दी फाड़ी; वायरलेस पर मैसेज फ्लैश होते ही अगले चौक पर धराए

लुधियाना: लुधियाना-चंडीगढ़ रोड स्थित मुंडियां कलां चौक पर शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर रौब झाड़ रहे कार सवारों ने ट्रैफिक पुलिस के साथ सरेआम हाथापाई शुरू कर दी। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने पर रोके जाने से नाराज इन युवकों ने न केवल पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि एएसआई की वर्दी तक फाड़ दी। पुलिस ने तुरंत वायरलेस पर मैसेज फ्लैश कर घेराबंदी की और भागने की कोशिश कर रहे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी टाटा इंडिगो कार जब्त कर ली है।

नंबर प्लेट नहीं थी, रोका तो झाड़ने लगे रूतबा

घटना शनिवार शाम करीब 5:30 बजे की है। ट्रैफिक पुलिस के एएसआई दलीप कुमार अपनी टीम के साथ मुंडियां कलां चौक पर रूटीन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक टाटा इंडिगो कार को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, क्योंकि उस पर नियमानुसार हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी थी। कार रुकते ही जब एएसआई ने ड्राइवर राज कुमार खत्री से दस्तावेज मांगे, तो वह तैश में आ गया। उसने पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ते हुए खुद को विजिलेंस विभाग का बड़ा अधिकारी बताया और एएसआई को वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली।

आईडी मांगते ही आपा खो बैठे, एएसआई के बटन तोड़े

पुलिस को शक हुआ तो उन्होंने कथित विजिलेंस अधिकारी से उसका पहचान पत्र (ID) मांग लिया। खुद को फंसता देख राज कुमार और कार में बैठे उसके दो अन्य साथी आपा खो बैठे और गाड़ी से बाहर निकलकर गाली-गलौज करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात एएसआई दलीप कुमार के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और उनकी वर्दी के ऊपर के दो बटन तोड़ दिए। जब अन्य पुलिसकर्मी बीच-बचाव के लिए आए, तो आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की और उनकी भी वर्दी फाड़ने की कोशिश की। आरोपियों ने सरेआम सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली और जान से मारने की धमकियां देते हुए वहां से फरार होने का प्रयास किया।

वायरलेस पर मैसेज फ्लैश होते ही अगले चौक पर धराए

वारदात को अंजाम देकर आरोपी अपनी कार में बैठकर भाग निकले, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कंट्रोल रूम और वायरलेस पर सूचना प्रसारित कर दी। पुलिस ने अगले ही चौक पर नाकाबंदी कर टाटा इंडिगो गाड़ी को घेर लिया और तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (सरकारी कर्मचारी पर हमला करना), धारा 221 (सरकारी ड्यूटी में बाधा डालना), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी देना) और धारा 3(5) (सामूहिक रूप से अपराध करना) के तहत केस दर्ज कर लिया है।

In Punjab, a fake vigilance officer engaged in hooliganism, tearing the traffic police officer’s uniform