चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए शनिवार की सुबह राहत भरी खबर लेकर आई है। पंजाब सरकार ने राज्य में न्यूनतम वेतन यानी डीसी रेट (DC Rate) में बढ़ोतरी करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले का सीधा फायदा सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों और प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों को मिलेगा। अहम बात यह है कि ये बढ़ी हुई दरें पिछली तारीख यानी 1 सितंबर 2025 से लागू मानी जाएंगी, जिसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले पांच महीनों का बकाया एरियर भी मिलेगा।
महंगाई भत्ते के साथ एरियर का तोहफा
लेबर डिपार्टमेंट की सहमति मिलने के बाद सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों और विभागों को निर्देश भेज दिए हैं। लुधियाना समेत पंजाब के कई जिलों में डीसी रेट सितंबर 2025 में ही रिवाइज कर दिए गए थे, लेकिन आधिकारिक मंजूरी के अभाव में ये लागू नहीं हो पाए थे। अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ वेतन और एरियर तुरंत जारी किया जाए। नई दरों के मुताबिक, महंगाई भत्ते में वृद्धि के चलते कर्मचारियों के वेतन में कैटेगरी के हिसाब से 336 रुपये से लेकर 439 रुपये प्रति माह तक का इजाफा हुआ है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने पुष्टि की है कि यह फैसला बैकडेट से लागू होगा, जिससे कर्मचारियों की जेब में एकमुश्त अच्छी रकम आएगी।
किस कैटेगरी को अब कितना मिलेगा वेतन?
सरकार द्वारा जारी नए चार्ट के अनुसार, अनस्किल्ड (अकुशल) कर्मचारियों का वेतन जो पहले 11,389 रुपये था, वह अब बढ़कर 11,726 रुपये हो गया है। इसी तरह सेमी-स्किल्ड कर्मचारियों को अब 12,169 रुपये की जगह 12,506 रुपये मिलेंगे। स्किल्ड कर्मचारियों का वेतन 13,066 रुपये से बढ़ाकर 13,403 रुपये और हाई-स्किल्ड कर्मचारियों का वेतन 14,098 से बढ़ाकर 14,435 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा सरकारी बोर्डों और निगमों में तैनात आउटसोर्स स्टाफ की भी सैलरी बढ़ी है। अब कैटेगरी-ए के कर्मचारियों को करीब 16,896 रुपये, कैटेगरी-बी को 15,226 रुपये, कैटेगरी-सी को 13,726 रुपये और कैटेगरी-डी के कर्मचारियों को 12,526 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।
खेतीहर और भट्ठा मजदूरों को भी बड़ी राहत
शहरी कर्मचारियों के साथ-साथ सरकार ने ग्रामीण और मजदूर वर्ग का भी ख्याल रखा है। खेतीबाड़ी से जुड़े अकुशल श्रमिकों के सालाना वेतन में करीब 2,020 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनका वार्षिक पैकेज अब 79,107 रुपये हो गया है। वहीं, ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए पीस रेट में भी इजाफा हुआ है और अब उन्हें प्रति 1000 ईंटों के निर्माण पर पहले से 28 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
कम वेतन देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि संशोधित डीसी रेट का पालन करना सभी सरकारी और निजी संस्थानों के लिए अनिवार्य है। डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी कर्मचारी को निर्धारित दरों से कम वेतन नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा कर्मचारियों को साप्ताहिक छुट्टी देना भी जरूरी है। यदि कोई भी संस्थान, फैक्ट्री या ठेकेदार इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Great news for millions of employees in Punjab! The government has increased the DC rates




