जालंधर: जालंधर के जमशेर खास में प्रस्तावित बायो-गैस और बायो-फ्यूल प्लांट को लेकर चल रहा गतिरोध फिलहाल थम गया है। सोमवार सुबह भारी तनाव के बीच भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे को जाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते वे हाईवे तक नहीं पहुंच सके। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद किसानों ने सोफी पिंड रोड पर ही पक्का मोर्चा लगा दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब साढ़े चार घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।
निगम ने 5 फरवरी तक का मांगा समय, शिफ्टिंग पर होगा विचार
धरना स्थल पर तनाव कम करने के लिए एडीसीपी हरविंदर गिल और नगर निगम की जॉइंट कमिश्नर मनदीप कौर मौके पर पहुंचीं। एडीसीपी ने किसानों को शांत कराया, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर मनदीप कौर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि नगर निगम के पास अन्य स्थान पर जमीन उपलब्ध हुई, तो इस विवादित प्लांट को आबादी वाले क्षेत्र से दूर शिफ्ट करने की संभावना तलाशी जाएगी। प्रशासन ने इस मसले पर कोई भी ठोस निर्णय लेने के लिए 5 फरवरी तक का समय मांगा है।
किसानों का अल्टीमेटम- मांग पूरी नहीं हुई तो फिर होगा चक्का जाम
प्रशासनिक अधिकारियों के लिखित आश्वासन की मांग और मौखिक भरोसे के बाद किसानों ने धरना तो उठा लिया, लेकिन साथ ही सरकार को कड़ा अल्टीमेटम भी दिया है। किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि वे 5 फरवरी तक का इंतजार करेंगे। यदि तब तक कोई हल नहीं निकला और प्लांट को शिफ्ट करने या मंडी की तरफ खुलने वाले गेट को लेकर फैसला नहीं बदला गया, तो वे दोबारा हाईवे जाम करने के लिए मजबूर होंगे। गौरतलब है कि किसान और स्थानीय लोग इस प्लांट को घनी आबादी के लिए खतरा बता रहे हैं। उनका सबसे बड़ा विरोध मंडी की तरफ बनाए जा रहे गेट को लेकर है, जिससे मंडी का अस्तित्व खतरे में पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Farmers’ highway blockade in Jalandhar postponed until this date; the 4.5-hour protest ended




