चंडीगढ़: पंजाब में मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठा रहे लाखों लोगों के बाद अब राज्य सरकार ने एक और वर्ग को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार के नए फैसले के बाद अब पंजाब में वकीलों को अपने चेंबर में इस्तेमाल होने वाली बिजली के लिए भारी-भरकम बिल नहीं चुकाना पड़ेगा। आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की जो गारंटी दी थी, उसका दायरा बढ़ाते हुए अब वकीलों को भी इस ‘कल्याणकारी योजना’ में शामिल कर लिया गया है। पीएसपीसीएल के एक शीर्ष अधिकारी ने पुष्टि की है कि वकीलों के चेंबर अब घरेलू आपूर्ति टैरिफ के अंतर्गत आएंगे, जिससे राज्य के 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं की तरह उन्हें भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।
48 घंटे में पास होगी फाइल, 600 यूनिट तक का बिल होगा माफ
इस बहुप्रतीक्षित फैसले को अब धरातल पर उतारने के लिए पावर कॉरपोरेशन ने कमर कस ली है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, दो महीने में 600 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले वकीलों के चेंबर का बिल पूरी तरह से जीरो आएगा। हालांकि, अगर खपत 600 यूनिट से एक भी यूनिट ज्यादा होती है, तो उपभोक्ता को पूरे इस्तेमाल की गई बिजली का बिल चुकाना होगा। योजना को लागू करने में हो रही देरी और लापरवाही की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए पीएसपीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक बसंत गर्ग ने सभी उपमंडल कार्यालयों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे योग्य आवेदनों को प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर प्रोसेस कर उनका निपटारा करें।
योजना का लाभ लेने के लिए माननी होंगी ये जरूरी शर्तें
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के संज्ञान में मामला लाए जाने के बाद लागू की गई इस योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ नियम भी तय किए गए हैं। इस बंपर छूट का लाभ केवल उन्हीं अधिवक्ताओं के चेंबर को मिलेगा जो पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल में विधिवत पंजीकृत हैं। इसके साथ ही, यह अनिवार्य है कि चेंबर कोर्ट परिसर के भीतर ही स्थित हो और उसका उपयोग पूरी तरह से वकालत के काम के लिए ही किया जा रहा हो। यदि किसी चेंबर में कैंटीन, फोटोकॉपी सेंटर या किसी भी तरह की अन्य व्यावसायिक या व्यापारिक गतिविधि चलाई जा रही है, तो उन्हें इस मुफ्त बिजली योजना के लिए अयोग्य माना जाएगा।
सरकारी खजाने पर बढ़ेगा सब्सिडी का बोझ
सरकार का यह लोकलुभावन कदम जहां वकीलों के लिए राहत लेकर आया है, वहीं इसने खजाने पर बोझ भी बढ़ा दिया है। पंजाब सरकार ने 2026-27 के बजट में बिजली सब्सिडी के लिए 15,550 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसमें से 7,715 करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र की मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए रखे गए हैं, जबकि 5,771 करोड़ रुपये घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने पर खर्च किए जा रहे हैं। सरकार के आंकड़ों के अनुसार पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल पहले ही जीरो आ रहा है। वहीं, बिजली विभाग के एक पूर्व इंजीनियर का मानना है कि अब वकीलों के चेंबर को मुफ्त बिजली देने के इस नए कदम से सरकार के ऊपर सब्सिडी का आर्थिक बोझ और अधिक बढ़ जाएगा।


Electricity bills will be zero; the Punjab government has granted major relief to another category








