चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने गुरुवार को हरियाणा में डंकी रूट के जरिए लोगों को अमेरिका और अन्य देशों में भेजने वाले कबूतरबाजों पर बड़ा प्रहार किया। ईडी ने एक साथ कुरुक्षेत्र के पिहोवा, पानीपत के गांव अहर-कुराना और करनाल के निसिंग में पांच एजेंटों के ठिकानों पर दबिश दी। सुबह आठ बजे शुरू हुई यह छापेमारी देर रात तक जारी रही, जिससे अवैध एजेंटों में हड़कंप मच गया। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस उन एजेंटों पर है जो मोटी रकम लेकर युवाओं को अवैध तरीके से विदेश भेज रहे थे और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे।
जांच के घेरे में आए लोगों में कई रसूखदार नाम शामिल हैं। पानीपत के अहर गांव का निवासी एजेंट बलवान अहर भाजपा का नेता बताया जा रहा है, जो वर्ष 2005 में नौल्था विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुका है। बलवान के खिलाफ मतलौडा थाने में पहले से ही विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। वहीं, जांच की आंच सरकारी महकमे तक भी पहुंची है। दूसरा आरोपी एजेंट प्रवीण पंचायत विभाग में खेल कोटे से नियुक्त ग्राम सचिव है, जिसकी पोस्टिंग करनाल जिले में है। ईडी की टीम ने प्रवीण और उसके पार्टनर कुराना निवासी प्रदीप के घर भी छापेमारी की है। इन दोनों के बीच गहरी सांठगांठ बताई जा रही है।
इसी कड़ी में ईडी ने कुरुक्षेत्र के पिहोवा में भी बड़ी कार्रवाई की। यहां मॉडल टाउन स्थित वीजा एजेंट विशाल चावला के घर पर टीम ने डेरा डाला। विशाल चावला का नेटवर्क केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक फैला हुआ है। जांच एजेंसी को शक है कि उसने डंकी रूट से लोगों को विदेश भेजने के एवज में करोड़ों रुपये वसूले हैं। गौरतलब है कि करीब पांच महीने पहले भी ईडी ने पिहोवा और इस्माईलाबाद में दो एजेंटों के यहां रेड की थी। फिलहाल विशाल चावला के फरार होने की अटकलें भी तेज हैं, हालांकि जांच एजेंसी उसके ठिकानों से अहम दस्तावेज खंगाल रही है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्ट होने के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 20 जनवरी से 22 जुलाई तक अमेरिका से 1703 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा गया है, जिनमें से अकेले हरियाणा के 604 युवक शामिल हैं। हरियाणा पुलिस की वेबसाइट के अनुसार, राज्य में अभी भी 188 अवैध ट्रैवल एजेंट सक्रिय हैं। वर्ष 2019 से गठित एसआईटी ने अब तक कबूतरबाजों के खिलाफ 3455 मामले दर्ज किए हैं, जिसमें 3053 एजेंटों की गिरफ्तारी हुई है और उनसे 52.06 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है। ईडी की यह कार्रवाई इसी नेक्सस को तोड़ने की कवायद मानी जा रही है।

ED tightens noose on ‘donkey route’ traffickers; raids conducted at premises of 5 agents, including a BJP leader




