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बच्चों की किलकारियों के लिए तरसी सरकार ने खोला खजाना, चार बच्चे पैदा करने पर टैक्स माफी का ऐलान

नई दिल्ली: खूबसूरत पर्यटन स्थलों के लिए मशहूर दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश ग्रीस आज अपने अस्तित्व के सबसे बड़े संकट से जूझ रहा है। यह संकट न तो आर्थिक है और न ही सामरिक, बल्कि यह देश के भविष्य पर मंडराता एक ऐसा खतरा है जिसने सरकार की नींद उड़ा दी है – खत्म होती आबादी। गलियों और स्कूलों में बच्चों की घटती किलकारियों से परेशान होकर सरकार ने अब एक ऐसा कदम उठाया है, जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ने देश को बचाने के लिए 1.6 अरब यूरो (लगभग 16,563 करोड़ रुपये) के भारी-भरकम पैकेज की घोषणा की है, जिसके तहत ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को अभूतपूर्व वित्तीय लाभ दिए जाएंगे।

इस ऐतिहासिक पैकेज का सबसे चौंकाने वाला ऐलान है- ‘चार बच्चे तो टैक्स माफ़’। जी हाँ, 2026 से जिस परिवार में चार बच्चे होंगे, उसे किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं देना होगा। सरकार का यह कदम उस हताशा को दर्शाता है जो देश की घटती प्रजनन दर से उपजी है। ग्रीस की प्रजनन दर प्रति महिला केवल 1.4 बच्चे रह गई है, जो कि आबादी को स्थिर रखने के लिए आवश्यक 2.1 के औसत से बहुत नीचे है। प्रधानमंत्री मित्सोताकिस ने इस भयावह स्थिति को “राष्ट्रीय खतरा” करार दिया है।

प्रधानमंत्री ने रविवार को नई नीतियों की घोषणा करते हुए कहा, “यह पैकेज देश की सबसे बड़ी चुनौती, यानी घटती जनसंख्या से निपटने के लिए तैयार किया गया है। हम जानते हैं कि बिना बच्चों के जीवनयापन की लागत और दो या तीन बच्चों के साथ जीवनयापन की लागत में बहुत अंतर होता है। इसलिए, एक देश के रूप में हमें उन नागरिकों को पुरस्कृत करने का तरीका खोजना ही होगा जो अधिक बच्चे पैदा करने का विकल्प चुनते हैं।” उन्होंने इस सुधार को ग्रीस में पिछले 50 वर्षों में सबसे साहसिक कर सुधार बताया।

आंकड़े एक डरावनी तस्वीर पेश करते हैं। यूरोस्टेट के अनुसार, ग्रीस की मौजूदा 1.02 करोड़ की आबादी 2050 तक घटकर 80 लाख से भी कम हो जाएगी, और तब देश की 36% आबादी 65 वर्ष से अधिक आयु की होगी। भूमध्यसागर का यह खूबसूरत देश यूरोप का सबसे ‘बूढ़ा’ देश बनने की कगार पर है। वित्त मंत्री किरियाकोस पियराकाकिस ने इस संकट को “अस्तित्व पर एक बड़ा खतरा” बताते हुए कहा कि 15 साल पहले शुरू हुए आर्थिक संकट के बाद से देश में जन्म दर आधी हो गई है।

नई नीति में केवल टैक्स माफी ही नहीं, बल्कि छोटे गांवों और बस्तियों को बचाने की भी कोशिश की गई है। जिन बस्तियों की आबादी 1500 से कम है, वहां के निवासियों को अन्य करों से भी छूट दी जाएगी, जिसकी भरपाई सरकारी खजाने से होगी। दरअसल, एक दशक लंबे आर्थिक संकट के दौरान लगभग पाँच लाख युवाओं और प्रतिभाशाली लोगों ने बेहतर भविष्य की तलाश में ग्रीस छोड़ दिया था, जिससे यह संकट और भी गहरा गया। अब सरकार इन नई नीतियों के सहारे देश के सूने होते आंगन को फिर से बसाने की एक बड़ी और शायद आखिरी कोशिश कर रही है।

 

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