चंडीगढ़: महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत के पूर्व आदेशों पर कार्रवाई और जवाब दाखिल करने में देरी को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, उन्हें अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
जवाब दाखिल नहीं करने पर अदालत सख्त
मामले की सुनवाई करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान पंजाब सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर अदालत ने नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए स्पष्ट किया कि न्यायिक आदेशों के पालन में देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। यह मामला महंगाई भत्ते से संबंधित पूर्व आदेशों के कथित अनुपालन न होने को लेकर दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है।
3 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से होना होगा पेश
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को 3 नवंबर को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया है। उन्हें अदालत को बताना होगा कि पूर्व आदेशों के अनुपालन के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और उन्हें पूरी तरह लागू करने में कितना समय लगेगा। अदालत ने अनुपालन की स्थिति और निर्धारित समय-सीमा को लेकर स्पष्ट जवाब देने के निर्देश भी दिए हैं।
DA मामले में आगे की सुनवाई पर नजर
महंगाई भत्ते से जुड़े इस मामले में अब अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्य सचिव को अदालत के सामने कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद ही मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और आदेशों के अनुपालन को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।


Setback for Punjab government from High Court; heavy fine imposed in DA case




