
जालंधर (अमन बग्गा): इनोसेंट हार्ट्स स्कूल, नूरपुर रोड कैम्पस में “नशे के दुष्प्रभाव” विषय पर एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन स्थानीय पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफ़िसर (एसएचओ) श्री यादविंदर सिंह ने किया , जिन्हें विद्यार्थियों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के हानिकारक परिणामों के बारे जागरूक करने हेतु आमंत्रित किया गया था।
स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती मीनाक्षी शर्मा और प्रिंसिपल श्रीमती जसमीत बख़्शी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और उन्हें सम्मान एवं आभार स्वरूप एक पौधा भेंट किया। अपने व्याख्यान की शुरुआत में एसएचओ यादविंदर सिंह ने बताया कि नशे की लत अक्सर साथियों के दबाव या जिज्ञासा के कारण शुरू होती है और धीरे-धीरे यह एक खतरनाक आदत में बदल जाती है। उन्होंने नशे के शारीरिक दुष्प्रभावों जैसे कि जिगर, फेफड़ों और मस्तिष्क को नुकसान, साथ ही मनोवैज्ञानिक प्रभावों जैसे चिंता, अवसाद और एकाग्रता की कमी पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसके सामाजिक परिणामों पर भी ज़ोर दिया, जिनमें परिवारिक संबंधों में दरार, शैक्षणिक प्रदर्शन में गिरावट और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता शामिल हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को सख्त चेतावनी दी कि नशे का एक बार भी प्रयोग जीवनभर के पछतावे का कारण बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को ड्रग्स रखने और सेवन से जुड़े सख़्त कानूनों और सजाओं के बारे में जागरूक किया ताकि छात्र इसके कानूनी परिणामों से भी अवगत हो सकें। यह सत्र बहुत इंटरएक्टिव और प्रभावशाली रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने प्रश्न पूछे और अपने विचार साझा किए। एस.एच.ओ. ने सभी को स्वस्थ आदतें अपनाने, सकारात्मक सोच रखने और किसी भी शंका की स्थिति में माता-पिता या शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने की सलाह दी। यह सत्र बेहद जानकारीपूर्ण और प्रेरणादायक रहा। इसने छात्रों में ड्रग्स के ख़तरों के बारे में गहरी जागरूकता पैदा की और उन्हें एक स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
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Drug awareness session at Innocent Hearts




