
नई दिल्ली: यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जो भविष्य में पोषण की परिभाषा बदल सकती है। हाल ही में हुए एक शोध में ‘डिप्लोप्टेरा पंक्टाटा’ नामक एक विशेष कॉकरोच प्रजाति से निकलने वाले दूध को गाय के दूध की तुलना में तीन गुना से भी ज्यादा पौष्टिक पाया गया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह कॉकरोच का दूध प्रोटीन, वसा (फैट) और शुगर का एक अनूठा क्रिस्टल है। इसे पृथ्वी पर मौजूद सबसे अधिक पोषक और कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों में से एक माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शरीर के विकास के लिए आवश्यक सभी नौ जरूरी अमीनो एसिड मौजूद हैं। इसके अलावा, यह दूध प्राकृतिक रूप से लैक्टोज-फ्री है, जिसके कारण यह उन लोगों के लिए भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है जिन्हें डेयरी उत्पादों से एलर्जी है।

इस दूध को ‘सुपरफूड’ बताए जाने के बावजूद, इसे बाजार में लाना लगभग असंभव है। इसकी सबसे बड़ी वजह दूध निकालने की प्रक्रिया का बेहद जटिल और महंगी होना है। एक स्टडी के मुताबिक, 100 ग्राम दूध इकट्ठा करने के लिए 1,000 से भी ज्यादा मादा कॉकरोच की जरूरत पड़ती है।
इससे भी बड़ा सवाल इसकी सुरक्षा को लेकर है। अभी तक बड़े पैमाने पर ऐसी टेस्टिंग नहीं हुई है जिससे यह साबित हो सके कि यह दूध इंसानों के सेवन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है या नहीं।
पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ इसमें कैलोरी की मात्रा भी बहुत अधिक है। अनुमान के मुताबिक, इसके 100 ग्राम दूध में लगभग 700 कैलोरी होती है, जो भैंस के दूध से भी तीन गुना ज्यादा है। ऐसे में इसका अधिक सेवन मोटापे और वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। फिलहाल, वैज्ञानिक इस दूध को लैब में कृत्रिम रूप से बनाने की संभावनाओं पर शोध कर रहे हैं ताकि इसका लाभ बिना किसी जोखिम के उठाया जा सके।
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Cockroach milk is three times more nutritious




