नई दिल्ली: सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं और छात्र अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। फार्मूले, डायग्राम और नोट्स दोहराने के बीच अक्सर छात्र परीक्षा केंद्र के नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं। हर साल बड़ी संख्या में छात्र एग्जाम हॉल में प्रतिबंधित सामान लेकर पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें ऐन मौके पर परेशानी का सामना करना पड़ता है और उनका कीमती समय बर्बाद होता है। इसी उलझन को दूर करने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि परीक्षा हॉल में क्या ले जाना सही है और क्या पूरी तरह वर्जित है।
कैलकुलेटर को लेकर न पालें कोई गलतफहमी
दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में कैलकुलेटर के इस्तेमाल को लेकर छात्रों में अक्सर संशय की स्थिति रहती है। बोर्ड ने नियमों को स्पष्ट करते हुए कहा है कि सामान्य छात्रों के लिए परीक्षा हॉल में कैलकुलेटर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह नियम गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अकाउंटेंसी समेत सभी विषयों पर समान रूप से लागू होता है। यहां तक कि साइंटिफिक कैलकुलेटर की भी अनुमति नहीं है। हालांकि, दिव्यांग श्रेणी के छात्रों या कुछ विशिष्ट व्यावसायिक विषयों के लिए विशेष परिस्थितियों में छूट मिल सकती है, लेकिन इसके लिए छात्र सीधे अनुमति नहीं ले सकते। उन्हें स्कूल के माध्यम से बोर्ड से पहले ही लिखित स्वीकृति लेनी अनिवार्य होती है। बिना पूर्व अनुमति के कैलकुलेटर मिलने पर इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
ज्योमेट्री बॉक्स में सिर्फ ये चीजें ही रखें
गणित और विज्ञान जैसे विषयों की जरूरतों को देखते हुए छात्रों को बुनियादी ज्योमेट्री उपकरण ले जाने की छूट दी गई है। छात्र अपने साथ पारदर्शी स्केल, कंपास, डिवाइडर, प्रोट्रैक्टर, डायग्राम बनाने के लिए पेंसिल, इरेजर और शार्पनर ले जा सकते हैं। बोर्ड ने सलाह दी है कि छात्र केवल साधारण और जरूरी उपकरण ही साथ रखें। फैंसी या अतिरिक्त सामग्री ले जाने से बचें, ताकि चेकिंग के दौरान किसी तरह की संदेह की स्थिति न बने और परीक्षा में कोई बाधा न आए।
घर से मैप या ग्राफ पेपर ले जाने की जरूरत नहीं
भूगोल, गणित, अर्थशास्त्र या भौतिकी जैसे विषयों की परीक्षा देने जा रहे छात्रों को घर से मैप या ग्राफ पेपर ले जाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। अक्सर छात्र गलती से ये चीजें साथ ले जाते हैं, लेकिन नियमों के मुताबिक सीबीएसई द्वारा प्रश्नपत्र के साथ ही जरूरी आउटलाइन मैप और ग्राफ पेपर परीक्षा केंद्र पर ही उपलब्ध कराए जाते हैं। छात्रों को बाहर से लाया गया कोई भी कागज इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती है। छात्रों को बस यह ध्यान रखना होगा कि वे मैप या ग्राफ शीट पर अपना रोल नंबर निर्देशानुसार लिखें और उत्तर पुस्तिका जमा करते समय उसे अंदर ठीक से नत्थी कर दें।
व्हाइटनर के इस्तेमाल से बचें, प्रेजेंटेशन पर दें ध्यान
कई बार सही उत्तर पता होने के बाद भी प्रस्तुति में की गई गलतियों के कारण छात्रों के नंबर कट जाते हैं। बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, डायग्राम और ग्राफ बनाने के लिए केवल पेंसिल का ही इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि उत्तर लिखने के लिए नीले या रॉयल ब्लू पेन का प्रयोग करें। उत्तर पुस्तिका में कटिंग फ्लूड या व्हाइटनर का प्रयोग सख्त मना है। यदि लिखते समय कोई गलती हो जाए, तो उसे साफ तरीके से एक लाइन खींचकर काट देना ही उचित तरीका है। इसके अलावा, यदि छात्र अतिरिक्त शीट लेते हैं, तो उसे मुख्य कॉपी के साथ ठीक से बांधना बेहद जरूरी है। बोर्ड का कहना है कि परीक्षा सिर्फ पढ़ाई की नहीं, बल्कि अनुशासन की भी होती है, इसलिए नियमों का पालन कर आत्मविश्वास के साथ पेपर दें।

CBSE Board Exams: Calculators are strictly prohibited, learn what to carry and what not to




