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ग्राहकों से लिया कैश, कंपनी को थमाई फर्जी पर्ची; शोरूम कर्मचारियों ने किया 97 लाख का घोटाला- ऐसे खुला राज

लुधियाना: किसी भी कंपनी या फर्म की रीढ़ उसके कर्मचारी होते हैं, लेकिन क्या हो जब वही कर्मचारी अपनी कंपनी की जड़ें खोदने लगें? लुधियाना में धोखाधड़ी का एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नामी फर्म के दो कर्मचारियों ने ही अपनी कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। इन कर्मचारियों ने बड़ी ही चालाकी से फर्जी दस्तावेज और रिपोर्ट तैयार कर करीब 97 लाख रुपये का बड़ा गबन किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के खातों का ऑडिट किया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

नकद लेकर अपनी जेब में रखा, कंपनी को बताया क्रेडिट कार्ड से हुआ भुगतान

पुलिस को दी गई शिकायत में गुरप्रीत सिंह ने बताया कि फर्म के कर्मचारी भूपिंदर कुमार और गगनदीप कौर ने आपस में मिलीभगत कर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। इन दोनों ने कोचर मार्केट स्थित शोरूम सहित कंपनी के अन्य शोरूमों में आने वाले ग्राहकों को सामान बेचा और उनसे कैश (नकद) लिया। लेकिन, इस नकद राशि को कंपनी के खाते में जमा करवाने के बजाय आरोपियों ने धोखाधड़ी से पूरी रकम अपनी जेब में रख ली।

फर्जी स्वाइप पर्चियों और जाली एक्सेल शीट से छिपाया सच

अपने इस बड़े फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने के लिए आरोपियों ने बेहद शातिर तरीका अपनाया। उन्होंने कंपनी के रिकॉर्ड में हेरफेर करते हुए यह दर्शाया कि ग्राहकों ने सामान का भुगतान क्रेडिट कार्ड के जरिए किया है। अपने झूठ को सच साबित करने के लिए उन्होंने क्रेडिट कार्ड स्वाइप की फर्जी पर्चियां बनाईं और ‘डेली सेल’ (रोजाना की बिक्री) की जाली एक्सेल शीट तैयार कर कंपनी प्रबंधन को सौंप दी, ताकि किसी को उन पर शक न हो।

ऑडिट में खुला लाखों के घोटाले का राज, दर्ज हुई FIR

आरोपियों का यह खेल काफी समय तक बिना किसी रोक-टोक के चलता रहा। लेकिन, जब कंपनी ने अपने वित्तीय खातों और बैंक ट्रांजैक्शन का ऑडिट करवाकर रुपयों का मिलान किया, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। ऑडिट रिपोर्ट में इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया और पता चला कि दोनों ने मिलकर फर्म को 97 लाख रुपये का भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया है। सच्चाई सामने आने के बाद थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Cash collected from customers, fake receipts handed to the company