लुधियाना/चंडीगढ़: एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब सहित उत्तर भारत के कई इलाके भारी बारिश और ओलावृष्टि की मार झेल रहे हैं। मंगलवार को पंजाब के कई जिलों में तेज आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की आखिरी उम्मीद पर भी पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई है। कुदरत के इस कहर ने किसानों की साल भर की मेहनत को चंद घंटों में ही बर्बाद कर दिया है।
सवा लाख एकड़ फसल बर्बाद, कृषि मंत्री ने दी जानकारी
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि सरसों और बागवानी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने इस तबाही पर चिंता जताते हुए बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में लगभग सवा लाख एकड़ गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। पकी हुई फसल खेतों में बिछ जाने से उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है, जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
50 KM की रफ्तार से चली हवाएं, इन जिलों में मचाई भारी तबाही
इस साल मार्च के तीसरे हफ्ते से ही पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय है, जिसके चलते पिछले डेढ़ महीने से पंजाब के कई जिलों में हर दूसरे दिन मौसम बिगड़ रहा है। मंगलवार को सक्रिय हुए ताजा विक्षोभ ने फाजिल्का, अमृतसर, रूपनगर, मोहाली, पटियाला, पठानकोट, लुधियाना और जालंधर समेत कई जिलों में भारी तबाही मचाई। कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मोगा में करीब आधा घंटा लगातार ओले गिरे, जबकि अबोहर और इसके आसपास के गांवों (भंगरखेड़ा, अच्चाडिक्की, ढींगावाली, दौलतपुरा और खुईयां सरवर) में शाम को तेज बारिश के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलें पूरी तरह से तबाह हो गईं।
9 अप्रैल तक राहत की कोई उम्मीद नहीं, पशुओं के चारे का भी संकट
मौसम विभाग ने किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अप्रैल तक मौसम के ऐसे ही खराब रहने की आशंका है और राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। पिछले एक हफ्ते से रुक-रुक कर हो रही बारिश से पहले ही परेशान किसानों की बची-खुची उम्मीदें मंगलवार की ओलावृष्टि ने खत्म कर दी हैं। सदमे में डूबे किसानों का कहना है कि अब वे बस यही दुआ कर रहे हैं कि बारिश रुक जाए। अगर ऐसा ही मौसम रहा तो न सिर्फ अनाज, बल्कि पशुओं के लिए तूड़ी (सूखा चारा) का इंतजाम करना भी बेहद मुश्किल हो जाएगा।

Calamity Rains Down from the Sky: 125,000 Acres of Crops Destroyed in Punjab Due to Rain and Hailstorm








