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पंजाब में जमींदार के चंगुल से छूटा बंधक, 6 साल तक कराया 20 घंटे काम और दिहाड़ी सिर्फ 200 रुपए; निहंगों ने कराया आजाद

लुधियाना: लुधियाना से बंधुआ मजदूरी और प्रताड़ना का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने आधुनिक समाज में इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक जमींदार परिवार द्वारा पिछले 6 साल से बंधक बनाकर रखे गए एक शख्स को निहंग सिखों के जत्थे ने कड़ी मशक्कत के बाद आजाद कराया है। पीड़ित का आरोप है कि जमींदार उससे सुबह से लेकर देर रात तक जबरन काम कराता था और विरोध करने पर बंदूक के दम पर डराया-धमकाया जाता था। निहंग जत्थेबंदी ने न सिर्फ पीड़ित को कैद से छुड़वाया, बल्कि आरोपी जमींदार की पिस्टल भी पुलिस से जब्त करवाई है।

कर्ज के जाल में ऐसा फंसा कि बन गया ‘गुलाम’

पीड़ित युवक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसने कुछ साल पहले अपना घर बनाने के लिए स्थानीय जमींदार से कुछ कर्ज लिया था। यही कर्ज उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा अभिशाप बन गया। कर्ज के बहाने जमींदार परिवार ने उसे अपने जाल में ऐसा फंसाया कि वह चाहकर भी बाहर नहीं निकल सका। पीड़ित के मुताबिक, उससे सुबह से लेकर रात तक रोजाना 18 से 20 घंटे तक हाड़-तोड़ काम लिया जाता था, लेकिन इसके बदले में उसे महज 200 रुपए की दिहाड़ी दी जाती थी, जो कि न्यूनतम मजदूरी से भी बेहद कम है।

‘पत्नी को तलाक दे दे, हम बच्चों को पाल लेंगे’

पीड़ित ने रोते हुए बताया कि पिछले 6 सालों से वह बंधकों जैसी नरक भरी जिंदगी जी रहा था। इस दौरान उसे अपने बच्चों के स्कूल जाने तक की इजाजत नहीं थी। हद तो तब हो गई जब उसे परिवार या रिश्तेदारों के यहां किसी खुशी या गम के मौके पर भी जाने से रोक दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि जब भी वह तंग आकर अपने घर जाने की बात कहता, तो जमींदार परिवार के लोग उसे अजीबोगरीब मानसिक प्रताड़ना देते थे। वे कहते थे कि, “तू अपनी पत्नी से तलाक ले ले, तुझे और तेरे बच्चों को हम खुद पाल लेंगे।”

निहंग बाबा कुलदीप सिंह ने पुलिस के साथ मिलकर छुड़वाया

जमींदार के जुल्मों से परेशान होकर पीड़ित की पत्नी ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और इंसाफ के लिए निहंग बाबा कुलदीप सिंह से मुलाकात कर पूरी सच्चाई बयां की। मामले की गंभीरता को देखते हुए निहंग जत्थेबंदी तुरंत हरकत में आई। निहंगों ने पुलिस प्रशासन को साथ लिया और जमींदार के ठिकाने पर दबिश देकर पीड़ित शख्स को उनकी अवैध कैद से सकुशल छुड़वाकर रोते बिलखते परिवार के हवाले कर दिया।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी जमींदार की पिस्टल को भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे पीड़ित को डराया जाता था। हालांकि, इस गंभीर मामले पर आरोपी जमींदार परिवार ने मीडिया के सामने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Bonded Laborer Rescued from Landlord’s Clutches in Punjab: Forced to Work 20 Hours a Day for 6 Years