
नई दिल्ली: केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में देश के प्रमुख ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने आज, बुधवार 9 जुलाई को, राष्ट्रव्यापी हड़ताल ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इस बंद का असर जालंधर सहित पूरे पंजाब में देखने को मिल सकता है, जिससे बैंकिंग, डाक, परिवहन और बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं में भारी व्यवधान की आशंका है।
यूनियन नेताओं ने सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर ने कहा, “किसान और ग्रामीण श्रमिक भी इस देशव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे। सरकार ने हमारी 17-सूत्रीय मांगों को नजरअंदाज किया है और पिछले 10 वर्षों में कोई भी श्रम सम्मेलन नहीं बुलाया है।”
शहर में इन सेवाओं पर पड़ सकता है असर
बैंकिंग और बीमा: ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन (AIBEA) ने हड़ताल में शामिल होने की पुष्टि की है। हालांकि आज औपचारिक बैंक अवकाश नहीं है, लेकिन शाखाओं में कामकाज और एटीएम सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
डाक सेवाएं: डाक विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल का हिस्सा हैं, जिससे डाक वितरण और अन्य संबंधित कार्यों में देरी हो सकती है।
परिवहन: राज्य परिवहन की बसों के पहिए थम सकते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बिजली आपूर्ति: 27 लाख से अधिक बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की संभावना के चलते बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
सरकारी कार्यालय: विभिन्न सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।
क्या रहेगा खुला?
स्कूल और कॉलेज
निजी दफ्तर और प्रतिष्ठान
ट्रेन सेवाएं (हालांकि, विरोध प्रदर्शनों के कारण कुछ देरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता)
क्यों हो रही है यह हड़ताल?
इस देशव्यापी हड़ताल का मुख्य कारण सरकार द्वारा लागू की गईं चार नई श्रम संहिताएं (Labour Codes) हैं। ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि ये कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। उनका दावा है कि इन कानूनों से हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा, काम के घंटे बढ़ेंगे और नौकरी की सुरक्षा कम होगी। इसके अलावा, यूनियन्स सरकारी विभागों के निजीकरण और ठेका प्रणाली को बढ़ावा देने का भी विरोध कर रहे हैं।
इस आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा जैसे बड़े किसान संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। रेलवे, स्टील प्लांट्स और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों के कर्मचारी भी हड़ताल के समर्थन में हैं। इससे पहले 2020, 2022 और 2024 में भी इसी तरह की राष्ट्रव्यापी हड़तालें हो चुकी हैं।
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Bharat Bandh today: Impact possible in Jalandhar








