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H-1B वीजा वालों के लिए बुरी खबर, नौकरी गई तो तुरंत छोड़ना होगा अमेरिका; 60 दिन की मोहलत खत्म करने की तैयारी

वाशिंगटन: अमेरिका में रहकर अपने सपनों को पूरा कर रहे लाखों भारतीय और अन्य विदेशी पेशेवरों के लिए एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। अगर आप अमेरिका में नौकरी कर रहे हैं और किसी कारणवश आपकी नौकरी अचानक चली जाती है, तो अब आपके पास दूसरी नौकरी ढूंढने का समय शायद नहीं बचेगा। अमेरिकी सरकार एक ऐसे कड़े प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसके लागू होते ही नौकरी जाने की स्थिति में विदेशी कामगारों को मिलने वाला 60 दिन का ‘ग्रेस पीरियड’ पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इसका सीधा और खौफनाक मतलब यह है कि छंटनी या नौकरी जाने के तुरंत बाद आपको अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर फौरन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा।

ओएमबी कर रहा है इस सख्त प्रस्ताव की समीक्षा

अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की तरफ से यह नया और कड़ा प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसकी वर्तमान में संघीय ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (ओएमबी) द्वारा समीक्षा की जा रही है। ओएमबी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अगर इस नए नियम को अंतिम रूप दे दिया जाता है, तो कुछ विशेष गैर-आप्रवासी (नॉन-इमिग्रेंट) वीजा धारकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली 60 दिनों की मोहलत समाप्त हो जाएगी। मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी विदेशी कर्मचारी का रोजगार उसकी वीजा अवधि समाप्त होने से पहले ही खत्म हो जाता है, तो उसे नई नौकरी खोजने या अपने वीजा की स्थिति बदलने के लिए पूरे दो महीने का समय दिया जाता है। इस प्रस्ताव से जुड़ी अन्य बारीकियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई हैं।

2017 में मिली थी राहत, इन वीजा धारकों पर गिरेगी गाज

विदेशी कर्मचारियों को अचानक नौकरी जाने के बाद फौरन देश से बाहर निकाले जाने के मानसिक तनाव से बचाने के लिए साल 2017 में यह 60 दिन का ग्रेस पीरियड शुरू किया गया था। इमिग्रेशन मामलों के जानकारों का कहना है कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के पास इस छूट की अवधि को कम करने या खत्म करने का विशेषाधिकार हमेशा से रहा है, लेकिन इसका इस्तेमाल शायद ही कभी किया गया हो। यह नियम मुख्य रूप से E-1, E-2, E-3, H-1B, H-1B1, L-1, O-1 और TN कैटेगरी के वीजा धारकों और उनके परिवारों पर लागू होता है। इसी ग्रेस पीरियड के कारण ही अमेरिकी कंपनियों को नए विदेशी कर्मचारियों की भर्ती करने या मौजूदा कर्मचारियों के नियोक्ता बदलने में काफी सहूलियत होती है।

सबसे ज्यादा भारतीय कामगारों पर पड़ेगा सीधा असर

इस ग्रेस पीरियड के खत्म होने का सबसे बड़ा खामियाजा भारतीय पेशेवरों को ही भुगतना पड़ेगा। अमेरिका में भारतीय-अमेरिकियों की आबादी लगभग 52 लाख आंकी गई है, और इनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा H-1B रोजगार वीजा पर काम करता है। वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, सभी सफल H-1B वीजा आवेदकों में से अकेले 71 प्रतिशत हिस्सेदारी भारतीय नागरिकों की थी। अगर यह 60 दिन की मोहलत खत्म हो जाती है, तो नौकरी गंवाने वाले किसी भी विदेशी नागरिक और उसके परिवार को बिना किसी देरी के अमेरिका छोड़ना होगा। इसके बाद उनके पास अमेरिका के भीतर अपना वीजा स्टेटस या नियोक्ता बदलने का कोई विकल्प नहीं बचेगा, सिवाय इसके कि अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करके उन्हें कोई असाधारण राहत दे दे।

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