चंडीगढ़: अगर आप भी होटल, ढाबे या घर में चाव से पनीर की सब्जी खा रहे हैं, तो जरा सावधान हो जाइए। पंजाब में आपकी सेहत के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हो रहा था। राज्य में बिकने वाले पनीर के 43 फीसदी सैंपल टेस्ट में फेल होने के बाद सरकार ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए दूध की जगह केमिकल और वनस्पति तेल से बनने वाले ‘एनालॉग (नॉन-डेयरी) पनीर’ के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और सप्लाई पर पूरे एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कड़े फैसले के बाद मिलावटखोरों और नकली पनीर का धंधा करने वालों में हड़कंप मच गया है।
असली की आड़ में धड़ल्ले से बिक रहा था केमिकल वाला ‘जहर’
आपको जानकर हैरानी होगी कि बाजार में असली पनीर के नाम पर जो माल खपाया जा रहा था, उसमें दूध की कोई अहम भूमिका नहीं थी। मुनाफे के लालच में कारोबारी वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर, स्टार्च और खतरनाक रसायनों को मिलाकर यह कृत्रिम (एनालॉग) पनीर तैयार कर रहे थे। सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इस नकली पनीर को खुलेआम असली डेयरी प्रोडक्ट बताकर बेचा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(ए) का इस्तेमाल करते हुए इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। आदेश के बाद अब इस नकली पनीर को खुले या पैक किसी भी रूप में बेचना सख्त कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
2340 में से 1027 सैंपल हुए फेल, अब होटलों और ढाबों की खैर नहीं
पंजाब में मिलावट का यह खेल कितने बड़े स्तर पर चल रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में 2340 सैंपल भरे गए थे, जिनमें से 1027 टेस्ट में पूरी तरह से फेल साबित हुए। जांच में पनीर के अंदर हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल की बात सामने आई थी, जिसके बाद 589 केस दर्ज किए गए थे। अब नए प्रतिबंध के लागू होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें सीधे रेस्टोरेंट, होटलों, ढाबों और अन्य खान-पान संस्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी करेंगी।
खंगाले जाएंगे खरीद के सारे रिकॉर्ड
विभाग अब सिर्फ छोटी दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। डेयरी यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, गोदामों, वितरकों और थोक विक्रेताओं के ठिकानों की भी सघन चेकिंग की जाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि होटलों और ढाबों के खरीद रिकॉर्ड खंगाले जाएं ताकि यह पता चल सके कि वे पनीर कहां से खरीद रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस प्रतिबंध के बावजूद अगर कोई भी कारोबारी या दुकानदार एनालॉग पनीर का कारोबार करता पाया गया, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत सबसे सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


Are you also consuming adulterated paneer? The Mann government has taken major action




