जालंधर: शहर के गांधी वनिता आश्रम (अनाथालय) में एक बार फिर दुखद घटना सामने आई है। सोमवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के चलते एक नाबालिग लड़की की सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। अनाथ बच्चों के इस बाल गृह में महज दो महीने के भीतर यह दूसरी मौत है, जिसने आश्रम की व्यवस्था और बच्चों की देखभाल को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
डीसी ने बताया पहले से बीमार थी बच्ची
जानकारी के अनुसार, जिस लड़की की मौत हुई है, उसे करीब एक साल पहले ही इस बाल गृह में लाया गया था। घटना को लेकर जालंधर के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि लड़की की मौत 16 फरवरी को सुबह 9 बजे से पहले हुई है।
डीसी के मुताबिक, बच्ची को पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। सोमवार सुबह उसे अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी, जिसके बाद उसे तुरंत जालंधर के सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी तरह के संदेह या साजिश से इनकार किया गया है। डॉक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।
21 नवंबर 2025 को भी हुई थी एक मौत
गांधी वनिता आश्रम में पिछले कुछ समय से सब कुछ सामान्य नहीं लग रहा है। इससे पहले 21 नवंबर 2025 को भी यहां एक 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस घटना में लड़की को बाथरूम में बेहोश पाया गया था और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि उस किशोरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले थे। अब दो महीने के भीतर दूसरी मौत होने से प्रशासन अलर्ट मोड पर है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

Another minor dies at Gandhi Vanita Ashram in Jalandhar; second incident in two months raises questions about the system




