जालंधर/अमृतसर: जालंधर में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लक्की ओबरॉय की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को 38 घंटे बाद पहली बड़ी कामयाबी मिली है। जहाँ एक तरफ जालंधर पुलिस दिनभर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी का दावा करती रही, वहीं दूसरी तरफ अमृतसर देहात पुलिस ने शनिवार रात 9 बजे हत्या की साजिश में शामिल नौकर शमिंदर उर्फ शिंगरी को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने की पुष्टि की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल होने के बाद आरोपी गिड़गिड़ाने लगा और बोला कि ‘एक बार बचा लो, गलती हो गई, अब दोबारा ऐसी गलती नहीं करूँगा।’
पुलिस को देखते ही आरोपी ने की फायरिंग
अमृतसर रूरल के एसएसपी सुहैल कासिम मीर ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को आरोपी के मोटरसाइकिल पर आने की सूचना मिली थी। जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह घबरा गया और हड़बड़ाहट में गिर पड़ा। खुद को घिरता देख उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शमिंदर सिंह जालंधर के मिठापुर का रहने वाला है और उस पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल .30 बोर की पिस्टल बरामद की है। प्राथमिक पूछताछ में उसने हत्या में शामिल एक अन्य व्यक्ति की पहचान भी उजागर कर दी है, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है।
जालंधर पुलिस झाड़ती रही पल्ला, अमृतसर पुलिस ने की कार्रवाई
इस पूरे मामले में जालंधर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। घटना के बाद जालंधर पुलिस के अधिकारी इसे महज ‘मेटर ऑफ इन्क्वायरी’ बताकर पल्ला झाड़ते रहे। हत्या के करीब 24 घंटे बाद अधिकारी हरिंदर गिल ने इसमें नौकर की भूमिका होने की बात स्वीकार की। हालांकि, इससे पहले डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस को बड़ी लीड मिलने और आरोपियों के बेहद करीब होने का दावा किया था। फिलहाल पुलिस ने थाना-5 में दो आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है, लेकिन मुख्य शूटर और एक अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
गुरुद्वारे के बाहर मारी थीं 5 गोलियां
गौरतलब है कि 43 वर्षीय लक्की ओबरॉय की 6 फरवरी की सुबह करीब साढ़े 7 बजे जालंधर के मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारे के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। शूटर ने उन्हें 5 गोलियां मारी थीं, जो उनके सीने, पेट और गर्दन में लगीं। इस हत्याकांड की मुख्य वजह खालसा कॉलेज की प्रधानगी का विवाद बताया जा रहा है। लक्की ओबरॉय का 7 फरवरी को दोपहर 1 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी सफेद एक्टिवा पर वारदात को अंजाम देने आए थे।

AAP leader Lucky Oberoi murder case: After 38 hours, Amritsar police apprehended the servant following an encounter




