लुधियाना: कहते हैं कि देने वाला जब भी देता है, तो छप्पर फाड़ कर देता है। पंजाब के लुधियाना में यह कहावत सच साबित हुई है। यहाँ जगराओं के गांव बंसी की रहने वाली एक घरेलू सहायिका (मेड) की किस्मत रातों-रात ऐसी पलटी कि वह करोड़पति बन गई। लोगों के घरों में झाड़ू-पोछा कर गुजारा करने वाली महेश्वरी साहनी की 3 करोड़ रुपये की बंपर लॉटरी निकली है। भावुक करने वाली बात यह है कि लॉटरी का टिकट खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने अपने कानों के झुमके गिरवी रख दिए थे।
महेश्वरी साहनी ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। पति साथ नहीं रहते और बड़े बेटे की मौत हो चुकी है। वह अपने बूढ़े माता-पिता और बेटी के साथ रहती हैं और लोगों के घरों में काम करके बेटी की स्कूल फीस भरती हैं। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी को उनकी बेटी का जन्मदिन था और वह उसे कोई अच्छा तोहफा नहीं दे पाई थीं। बेटी अक्सर कहती थी, “मम्मी मेरी किस्मत तुम्हारे हाथों में है।” इसी दौरान महेश्वरी ने एक लॉटरी का विज्ञापन देखा, जिसमें एक बच्चे ने एक करोड़ रुपये जीते थे।
महेश्वरी के पास टिकट खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। अपनी बेटी की किस्मत आजमाने के लिए उन्होंने अपने कानों के झुमके गिरवी रख दिए और उससे मिले 2000 रुपये से 10 नवंबर की शाम को लॉटरी के 4 टिकट खरीदे। उन्होंने बेटी से कहा था, “मैं तुम्हें महंगा तोहफा तो नहीं दे सकती, लेकिन तुम्हारी किस्मत को एक मौका जरूर दूंगी।”
महेश्वरी ने बताया कि 10 नवंबर को टिकट खरीदने के बाद वे घर लौट आए। कल यानी 22 नवंबर की शाम 6 बजे जब लॉटरी का परिणाम आया, तो उन्हें पता चला कि उनके द्वारा खरीदे गए चार टिकटों में से एक पर 3 करोड़ रुपये का बंपर इनाम निकला है। यह खबर मिलते ही पूरा परिवार खुशी से रो पड़ा।
करोड़पति बनने के बाद महेश्वरी ने भावुक होकर कहा, “मेरी बेटी ही मेरे लिए लकी साबित हुई है, जिसकी वजह से आज हमारी गरीबी दूर हो गई। यह हम पर ईश्वर का आशीर्वाद है।” उन्होंने कहा कि अब वह अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलाएंगी ताकि उसका भविष्य उज्ज्वल हो सके। अब वह अपनी बच्ची के लिए माता और पिता दोनों का फर्ज और अच्छे से निभा सकेंगी। महेश्वरी ने अंत में कहा कि वैसे तो जुआ खेलना सही नहीं है, लेकिन इंसान को अपनी किस्मत को एक-दो बार मौका जरूर देना चाहिए।

A woman who cleans houses wins a lottery worth Rs 3 crore




