जालंधर: जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में शराब का ठेका खुलने को लेकर सोमवार को जमकर बवाल हुआ। रिहायशी इलाके में ठेका खुलने का विरोध कर रहे लोगों की सूचना पर इलाका पार्षद रूपा भगत के पति सुदेश भगत मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनकी ठेका संचालक के साथ तीखी बहस हुई। मामला तब गरमा गया जब ठेका संचालक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेका शिफ्ट करने से रोकने के लिए उसे ब्लैकमेल किया जा रहा है और उससे 50 हजार रुपये महीने की मांग की जा रही है।
हंगामे के बीच ठेका संचालक ने दावा किया कि उसके पास एक्साइज विभाग और डिप्टी कमिश्नर (DC) की ओर से ठेका खोलने के पूरे आदेश और दस्तावेज मौजूद हैं। उसका आरोप है कि वह सरकार को ठेके के पूरे पैसे चुका रहा है, लेकिन अब कुछ लोग उससे अलग से पैसों की मांग कर रहे हैं। संचालक ने कहा, “मुझसे हर महीने 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है, जो मैं देने में असमर्थ हूं। पैसे न देने पर ही यह हंगामा खड़ा किया गया है।”
ठेका संचालक ने विवाद की असली वजह किराए को बताया। उसने कहा कि पुरानी जगह पर किराया बहुत ज्यादा था। नई जगह पर ठेका शिफ्ट करने से उसका करीब 40 हजार रुपये महीना बच रहा है। इसी बचत के चलते वह ठेका शिफ्ट कर रहा था। उसने तर्क दिया कि इससे पहले कई सालों तक थोड़ी ही दूरी पर ठेका खुला रहा, तब किसी ने विरोध नहीं किया, लेकिन अब शिफ्टिंग के वक्त जानबूझकर पंगा डाला जा रहा है।
संचालक का आरोप है कि पुरानी जमीन का मालिक उस पर दबाव बना रहा है। मालिक चाहता है कि ठेका वहीं रहे और वह 50 हजार रुपये महीना किराया दे। जब संचालक ने किराया कम करने को कहा, तो मालिक ने मना कर दिया। आरोप है कि जब उसने ठेका शिफ्ट करने की कोशिश की, तो उक्त व्यक्ति ने मोहल्ला निवासियों को उकसाकर हंगामा शुरू करवा दिया।
मामला बढ़ता देख थाना भार्गव कैंप पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी मोहन ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली थी। फिलहाल पुलिस ने हंगामा शांत करवा दिया है। ठेकेदार के पास एक्साइज विभाग की अनुमति के दावे और लोगों के विरोध दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मोहल्ला निवासियों का कहना है कि वे पिछले तीन महीनों से यहां ठेका खुलने का विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह रिहायशी इलाका है।

A major uproar erupted in Jalandhar over the relocation of a liquor shop; a heated argument ensued between the contractor




