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हिमाचल जाने वाले पर्यटकों को बड़ा झटका, सुक्खू सरकार ने बाहरी वाहनों की एंट्री फीस में किया ढाई गुना तक इजाफा; इस दिन से लागू होंगी नई दरें

शिमला: आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य का राजस्व बढ़ाने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने राज्य की सीमाओं में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों पर एंट्री टैक्स (टोल फीस) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। प्रदेश की इस नई बैरियर नीति के तहत एंट्री टैक्स में लगभग ढाई गुना तक का इजाफा किया गया है, जिसका सीधा असर अपनी गाड़ियों या कमर्शियल वाहनों से हिमाचल आने वाले पर्यटकों और व्यापारियों पर पड़ेगा। यह नई व्यवस्था आगामी एक अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि हिमाचल प्रदेश के नंबर वाले यानी स्थानीय पंजीकृत वाहनों को पहले की तरह ही इस एंट्री टैक्स से पूरी तरह छूट मिलती रहेगी।

जानिए अब किस वाहन के लिए चुकानी होगी कितनी कीमत

सरकार द्वारा जारी की गई नई दरों के अनुसार, बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सामान्य (निजी) वाहनों को अब 70 रुपये के बजाय 170 रुपये की एंट्री फीस देनी होगी। इसी तरह 12 जमा 1 सवारी क्षमता वाले वाहनों से भी अब 110 रुपये की जगह 170 रुपये वसूले जाएंगे। भारी वाहनों पर भी यह बोझ बढ़ाया गया है, जिसके तहत 720 रुपये वाला एंट्री टैक्स बढ़ाकर अब सीधे 900 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी वाले वाहनों का शुल्क 570 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये तथा ट्रैक्टरों का प्रवेश शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये तय किया गया है। वहीं, डबल एक्सल बस और ट्रकों के लिए 570 रुपये की पुरानी दर को ही बरकरार रखा गया है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

प्रदेश के 55 बैरियरों पर फास्टैग से होगी टोल वसूली

बाहरी राज्यों से हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए प्रदेश भर में कुल 55 एंट्री बैरियर स्थापित हैं। इनमें सिरमौर का गोविंदघाट, नूरपुर का कंडवाल, ऊना का मैहतपुर, बद्दी, परवाणू और बिलासपुर जिले का गरामोड़ा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सभी बैरियरों पर एक अप्रैल से नई दरों के हिसाब से ही टैक्स वसूला जाएगा। वसूली प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए सरकार ने इन जगहों पर फास्टैग सिस्टम लागू करने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसके अलावा बैरियरों की नीलामी के लिए उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसमें आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। यह समिति पूरी ठेका प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करेगी।

पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर असर पड़ने की संभावना

हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है और हर साल लाखों की तादाद में सैलानी अपनी निजी गाड़ियों से यहां की वादियों का रुख करते हैं। ऐसे में एंट्री फीस बढ़ने का सीधा असर प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र पर पड़ सकता है। सरकारी अधिकारियों का तर्क है कि 170 रुपये की यह राशि बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ती ईंधन की कीमतों के बीच पर्यटकों पर यह एक अतिरिक्त बोझ जरूर साबित होगा। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए कहा है कि अगर पर्यटकों पर वित्तीय दबाव बढ़ाया गया, तो वे हिमाचल की बजाय पड़ोसी राज्यों का रुख कर सकते हैं।

A major blow to tourists visiting Himachal, the Sukhu government has increased the entry fee for outside vehicles