जालंधर: उच्च शिक्षा एवं रोकागार के बीच की दूरी कम करने के लिए आज की युवा शक्ति को उपयुक्त ज्ञान व स्किल प्रदान करना समय की मांग बन चुका है। हंस राज महिला महाविद्यालय में मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा पारित यूजीसी की कम्यूनिटी कालेज स्कीम के अन्तर्गत स्किल आधारित डिप्लोमा कोर्स करवाए जा रहे हैं जिनकी अवधि छह महीने से एक वर्ष की है। एचएमवी में वर्ष 2014 से सफलतापूर्वक कम्यूनिटी कालेज कोर्स चलाए जा रहे हैं। इन कोर्सों में डिप्लोमा इन जर्नलिज्म हैल्थ केयर, डिप्लोमा इन आर्गेनिक फार्मिंग, डिप्लोमा इन टूरिज्म एंड हास्पिटैलिटी, डिप्लोमा इन कम्यूनिकेशन स्किल, डिप्लोमा इन एपलायड म्यूजिक एंड डांस, डिप्लोमा इन कुकिंग एंड केटरिंग मैनेजमेंट तथा एडवांस डिप्लोमा इन फैशन डिजाइनिंग शामिल हैं।

इन कोर्सों को महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखकर डिकााइन किया गया है। प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन ने कहा कि इंडस्ट्री पार्टनर की जरूरत को ध्यान में रखकर इन कोर्सों का सिलेबस डिकााइन किया गया है तथा इन्हें जीएनडीयू की स्वीकृति भी प्राप्त है। इनके अन्तर्गत अधिक काोर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, इंडस्ट्री विकिाट व इंटरनशिप पर दिया जाता है ताकि इंडस्ट्री व अकादमिक में कोई गैप न रहे। छात्राओं का सैक्टर स्किल काउंसिल द्वारा भी मूल्यांकन करवाया जाता है तथा इसका सर्टीफिकेट वैश्विक स्तर पर माननीय है। किसी भी आयु की महिला जो +2 पास हो, वह इन कोर्सों में दाखिला ले सकती है। इसकी फीस भी मात्र 1000 रुपए प्रति माह है।
इसके अतिरिक्त डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद छात्रा बीवॉक, द्वितीय वर्ष में दाखिला लेकर अपनी शैक्षणिक डिग्री को अपग्रेड कर सकती है। पिछले बैच की छात्राओं ने भी अपने अनुभवों को सांझा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर की गैस्ट फैकल्टी द्वारा भी उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। अभिभावकों ने भी एचएमवी के प्रयास की सराहना की कि इंडस्ट्री सैक्टर के साथ ट्रेनिंग व प्लेसमेंट के लिए एचएमवी ने तालमेल बिठाया है। पिछले सालों की बहुत सी छात्राएं पहले ही प्लेसमेंट ले चुकी हैं।

Skill based community college courses being conducted in HMV




