जालंधर (अमन बग्गा): डिप्स चेन के सभी स्कूलों में बैसाखी के मौके पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सारे छात्र पारंपरिक पोशाक में सजकर स्कूल पहुंचे। नन्हें मुन्हें गब्बरू मुटियारों ने पंजाबी गीतों पर गिद्दा भंगड़ा डाला। बैसाखी का महत्व समझाने के लिए सीनियर कक्षा के बच्चों द्वारा नाटक पेश किया। नाटक के माध्यम से बच्चों ने बताया कि किस तरह दिन रात मेहनत कर किसान गेहूं का फसल उगाते है। खेत में वह अपना पसीना बहाते है ताकि वह हमारे खाने के लिए फसल उगा सके।
इसलिए हमें खाने को बर्बाद नहीं करना चाहिए। दुनिया में हर साल कई टन अनाज बर्बाद होता है और काफी लोग हर रोज भूखे सोते है। टीचर्स ने बच्चों को बताया कि इस दिन श्री गुरू गोबिंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने सब को जात-पात के भेद-भाव को मिटाकर मिलकर रहने का संदेश दिया था। इसके साथ ही जलियावालां बाग में शहीद हुए लोगों को श्रद्धाजंलि दी। यह दिन किसानो के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन उनकी कड़ी मेहनत का फल उन्हें मिलता है और उनकी गेंहू का फसल पक कर तैयार हो जाती है।
इसलिए हमें किसानों द्वारा उगाए गए अनाज को बर्बाद करने की जगह उतना ही थाली में डालना चाहिए जितनी हमें भूख है। प्रिंसिपल्स ने बच्चो को कहा कि बैसाखी का त्योहार पूरे पंजाब में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। हर रोज खाना खाने से पहले भगवान का धन्यावाद करना चाहिए कि उन्होंने हमें खाने के लिए खाना दिया और जरूरतमंद को खाना खिलाने की कोशिश करनी चाहिए। डिप्स चेन के एमडी सरदार तरविंदर सिंह और सीईओ मोनिका मंडोत्रा ने सभी विद्यार्थियों को बैसाखी के त्योहार की शुभकामनाएं दी और भेद-भाव को दूर रख कर मिलजुल कर रहने का संदेश दिया।
Dips motivate children not to waste food on Baisakhi festival




