जालंधर (अमन बग्गा): डिप्स स्कूल भोगपुर में विद्यार्थियों और स्टाफ ने भारत के देश वीर सपूतों शहीद ए आज़म भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को उनकी शहादत पर याद करते हुए श्रद्धाजंलि अर्पित की। बच्चों को पंजाब के इतिहास और शहीदों का कुर्बानियों से अवगत करवाने के लिए नाटक, कविता गायन गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने भारत के शीहदों के जीवन से अपने सहपाठियो को अवगत करवाया। उनके विचारों के बारे में सबको बताया।
टीचर्स ने बताया कि 24 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को लाहौर सेंट्रल जेल में फांसी दी जानी थी। भगत इस फैसले से खुश नहीं थे। उन्होंने 20 मार्च 1931 को पंजाब के गवर्नर को एक खत लिखा कि उनके साथ युद्धबंदी की तरह व्यवहार किया जाए और फांसी न देकर गोली से उड़ा दिया जाए। इसके बाद फांसी के लिए तय वक्त से 12 घंटे पहले ही 23 मार्च 1931 को शाम को तीनों को फांसी दे दी गई।
प्रिंसिपल गुरवीन कौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव ने भारत को आजाद करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्हें बचपन से ही अपने सपने और सोच पर पूरा विश्वास था। इसलिए उन्होंने 15 साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया था। जेल में रहते हुए भी उन्होंने हमेशा अपने नियमों का सख्ती पालन किया है। उन्होंने हमेशा हर मुश्किल का निडरता से सामना किया है। हम लोगों को भी उनसे प्रेरणा लेकर जीवन में हर मुश्किल का डट कर सामना करना चाहिए और अपने सपनों को पूरा करना चाहिए। इसके साथ ही अपने देश के लिए एक सर्वश्रेष्ठ नागरिक बनना चाहिए।
DIPS students pay tribute to Shaheed-e-Azam Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev




