नई दिल्ली: रसोई गैस को लेकर केंद्र सरकार बड़ी तैयारी में है। देश की लगभग 98 प्रतिशत आबादी तक रसोई गैस की सप्लाई पाइप लाइन के जरिये की जाएगी। केंद्र सरकार ऐसा प्लान बना रही है। केंद्र सरकार ने संसद में कहा कि विस्तार कार्य के नए दौर के बाद, भारत के 82 प्रतिशत से अधिक भूमि क्षेत्र और 98 प्रतिशत आबादी को पाइप से रसोई गैस की आपूर्ति के दायरे में लाया जाएगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विस्तार कार्य के लिए बोलियां इसी साल 12 मई को खोली जाएंगी। पुरी ने कहा कि बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद, बुनियादी ढांचे को तैयार करने में कुछ निश्चित समय लगता है। उन्होंने कहा, 11वें दौर की बोली के बाद, 82 प्रतिशत से अधिक भूमि क्षेत्र और 98 प्रतिशत आबादी दायरे में आ जाएगी ताकि घरों में पाइप से रसोई गैस की आपूर्ति हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुर्गम होने के कारण केवल पूर्वोत्तर क्षेत्र और जम्मू कश्मीर के कुछ क्षेत्र ही इसके दायरे से बच जाएंगे। उन्होंने कहा कि पाइप के माध्यम से आने वाली रसोई गैस सिलेंडर के जरिए आपूर्ति होने वाली गैस की तुलना में सस्ती और अधिक उपभोक्ता अनुकूल है। पुरी ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए गए। उन्होंने कहा कि आज गैस सिलेंडरों की संख्या 30 करोड़ हो गई है जो 2014 में कुल 14 करोड़ थी। उन्होंने कहा, हम पूरी आबादी को कवर करेंगे और यह काम प्रगति पर है।
In this way, the government will deliver LPG to the homes of the whole country through a pipeline, told the plan




