जालंधर : (अमन बग्गा) डॉक्टर को लोग भगवान का दर्जा देते है लेकिन बहुत से ऐसे डॉक्टर है जिन्हें शैतान कहना भी शैतान की बेइज्जती है। क्यों कि ये तो इंसानियत का गला घोटने में शैतानों को भी पीछे छोड़ दें।
पिछले दिनों मरीज को गलत खून चढ़ाने के बाद विवादों में आये रत्न अस्पताल का अब एक और बड़ा काला कारनामा सामने आया है।
पंजाब में गर्भ निर्धारण टेस्ट करने वाले स्कैनिंग सेंटर्स को बेनकाब करने के लिए हेल्थ विभाग की तरफ से मिशन डिस्कवरी डिटेक्टिव एजेंसी को
जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस एजेंसी की टीम ने जालंधर के डॉ बलराज गुप्ता के रतन अस्पताल में छापेमारी की जिस के बाद पुलिस ने सिविल सर्जन डॉ गुरिंदर कौर चावला की शिकायत पर रत्न अस्पताल के प्रबंधक डॉक्टर बलराज गुप्ता पर लिंग निर्धारण टैस्ट के दोष में पीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
डॉ. बलराज गुप्ता के अलावा दलाली करने वाली पूनम नाम की महिला पर धारा 420, 120-B और पीसी-पीएनडीटी एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
वही शर्मनाक बात यह है कि मौके पर पहुंचे एसीपी सतिंदर चड्ढा डॉ. गुप्ता पर कार्रवाई करने की बजाय बिना जांच पड़ताल किये
उल्टा छापा मारने वाली टीम के लोगों को जमकर डांटते फटकारते व धमकाते नजर आए। बिना जांच पड़ताल के एसीपी सतिंदर चड्ढा द्वारा छापा मारने वाली टीम के लोगों के साथ अपराधियों जैसा सलूक करना कई सवाल पैदा कर रहा है ? डॉ गुप्ता के साथ मौके पर नरम रवैया व छापा मारने वाली टीम के साथ कड़क रवैया अपनाने के पीछे की उन की असल मंशा क्या थी। ये भी बड़ा सवाल है।
वही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉ बलराज ने खुद को निर्दोष बताया है। उन का कहना है कि उन्हें फसाया जा रहा है। डॉक्टर बलराज गुप्ता किसी भी तरह का PLN पर अपना पक्ष रखना चाहते है तो हम से सम्पर्क कर सकते है। 9876410210, हम उन का पक्ष प्रमुखता से Publish करेंगे।
देखें Video










