नई दिल्ली: शनिवार देर शाम सपना चौधरी के कांग्रेस पार्टी की खबर आई. देखते ही देखते यह खबर सभी चैनलों से लेकर न्यूज वेबसाइटों पर छा गई. अगले ही दिन सपना चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस खबर को फर्जी बता डाला. हैरानी इस बात से भी ज्यादा होती है कि सपना चौधरी की खबर प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों ने बाकायदा तस्वीरों के हवाले से जारी की थी. लेकिन, सपना चौधरी का तर्क यह है कि यह तस्वीरें पुरानी हैं.
चलिये मान लेते हैं तस्वीरें पुरानी हैं, लेकिन कांग्रेस के उस सबूत का क्या करें जो उसने सपना के इनकार के बाद जारी किया. कांग्रेस ने न केवल सपना चौधरी बल्कि उनकी बहन शिवानी का भी फॉर्म सामने रखा है जो कि सदस्यता के लिये भरा गया था.सपना चौधरी और कांग्रेस पार्टी के अपने-अपने दावों के बीच एक कहानी है जो दोनों सिरों को जोड़ती है.
सपना ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी जॉइन नहीं की है और न ही उनकी राज बब्बर से कोई मुलाकात हुई है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपना ने कहा, ‘मैं किसी भी पार्टी की प्रचारक नहीं बनूंगी और न ही चुनाव लड़ूंगी, मैं एक कलाकार हूं और कलाकार ही बन कर रहूंगी. सपना ने ये भी कहा कि उनका कोई ट्विटर अकाउंट भी नहीं है. वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों के बारे में सपना ने कहा कि वो तस्वीरें काफी पुरानी हैं.
सपना की नाराजगी का कारण
दरअसल राजनीतिक हलकों में यह चर्चा चल रही थी कि कांग्रेस पार्टी मथुरा में बीजेपी उम्मीदवार और अभिनेत्री हेमा मालिनी के खिलाफ सपना चौधरी को टिकट दे सकती है. लेकिन जब शनिवार की शाम कांग्रेस पार्टी ने उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी की तो उस लिस्ट में मथुरा सीट तो थी लेकिन उस पर प्रत्यार्शी के तौर पर सपना का नाम नहीं था.
ऐसे में इसे भी सपना की नाराजगी का एक कारण बताया जा रहा है. वहीं इन्हीं दावों के बीच सपना ने यह भी साफ किया है कि वह बीजेपी नेता मनोज तिवारी के संपर्क में हैं लेकिन वहीं दूसरी ओर वह कह रही हैं कि उनकी किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की कोई इच्छा नहीं है.




