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पंजाब PCS मुख्य परीक्षा के नतीजों पर फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा, एक ही हॉल से 11 चयनित तो एक केंद्र से 24% पास, CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र; HC जाने की तैयारी

चंडीगढ़: पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) द्वारा आयोजित पंजाब पीसीएस (PCS) मुख्य परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होते ही भारी विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार देर रात जारी किए गए नतीजों के बाद परीक्षार्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया और मूल्यांकन में व्यापक अनियमितताओं व धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का दावा है कि परिणामों में कई ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं जो चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। नतीजों को लेकर अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से स्वतंत्र जांच कराने की मांग तेज कर दी है।

एक ही कमरे से 10-11 अभ्यर्थी चयनित, एक ही परीक्षा केंद्र से 24% से अधिक पास
अभ्यर्थियों द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, जारी परिणाम में अजीबोगरीब पैटर्न देखने को मिला है। आरोप है कि एक ही परीक्षा हॉल में बैठे 10 से 11 उम्मीदवारों का एक साथ चयन हुआ है, जबकि एक विशेष परीक्षा केंद्र से कुल शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों का लगभग 24.21 प्रतिशत हिस्सा चयनित हुआ है। परीक्षार्थियों का कहना है कि इतने जटिल और प्रतिस्पर्धी इम्तिहान में किसी एक कमरे या एक ही केंद्र से इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का सफल होना स्वाभाविक नहीं है और यह स्पष्ट रूप से संगठित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।

मूल्यांकन में नियमों की अनदेखी, अनुपस्थित छात्रों के रोल नंबर दिखने का भी आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में स्थापित नियमों और आवश्यक पारदर्शिता को पूरी तरह दरकिनार किया गया है। इसके अलावा, सेवा नियमों के तहत विज्ञापित रिक्तियों के सापेक्ष इंटरव्यू (साक्षात्कार) के लिए निर्धारित तीन गुना उम्मीदवारों को न बुलाए जाने को लेकर भी गहरा रोष है। अभ्यर्थियों का यह भी सनसनीखेज दावा है कि मेरिट सूची में कुछ ऐसे रोल नंबर भी दिखाई दे रहे हैं जो मुख्य परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों से अनुपस्थित थे। इस विसंगति ने पूरी चयन प्रणाली पर संदेह के बादल गहरे कर दिए हैं।

राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजा ज्ञापन; हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी
इन गंभीर विसंगतियों के खिलाफ अभ्यर्थियों ने मोर्चा खोलते हुए देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। छात्रों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी से इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। अभ्यर्थियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार और आयोग ने इस मामले में तत्काल पारदर्शी और संतोषजनक कदम नहीं उठाए, तो वे न्याय के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की पूरी कानूनी तैयारी कर चुके हैं।

सुनील जाखड़ ने उठाए सवाल, बोले- ‘एक ही कमरे से इतने चयन कैसे संभव, हो CBI जांच’
इस पूरे विवाद में अब राजनीतिक हलकों से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद हैरान करने वाला और संदेहास्पद है कि किसी चुनिंदा कमरे में बैठे कई अभ्यर्थी एक साथ चयनित हो जाएं। जाखड़ ने पंजाब के युवाओं के भविष्य और प्रशासनिक सेवाओं की साख का हवाला देते हुए इस पूरे प्रकरण की अविलंब सीबीआई जांच कराने की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न हो।

Candidates express outrage over Punjab PCS Main exam results; 11 candidates selected from a single hall