मानसा: नशा विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरे और एंटी-ड्रग टास्क फोर्स के नेता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम बुधवार को एक बार फिर मानसा पहुंची। घटना के करीब 15 दिन बाद दोबारा सक्रिय हुई सीबीआई टीम ने स्थानीय सिविल और पुलिस प्रशासन के सहयोग से आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार की ध्वस्त दुकान का मलबा अपनी सीधी निगरानी में उठवाया। इस सघन तलाशी अभियान का मुख्य उद्देश्य हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य, विशेषकर पहली फायरिंग से संबंधित कारतूस या अन्य सुराग जुटाना है, जो शुरुआती जांच के दौरान बरामद नहीं हो सके थे।
रेलवे फाटक से बस स्टैंड मार्ग बंद, भारी पुलिस बल के पहरे में जेसीबी से चला सर्च अभियान
जांच प्रक्रिया को सुरक्षित और निर्बाध रखने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए। डीएसपी गुरप्रताप सिंह के नेतृत्व में कई थानों के प्रभारियों और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। किसी भी प्रकार के व्यवधान या भीड़ को रोकने के लिए रेलवे फाटक से बस स्टैंड की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग का ट्रैफिक पूरी तरह डाइवर्ट कर बंद करा दिया गया। सुबह करीब 10 बजे मौके पर पहुंची सीबीआई टीम ने जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से मलबे को अत्यंत सावधानी से हटवाना शुरू किया। किसी भी तरह की छेड़छाड़ को रोकने के लिए पूरे स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के कड़े निर्देश दिए गए और एकत्रित मलबे को एसडीएम कार्यालय परिसर के पास कड़ी सुरक्षा में सुरक्षित रखवाया गया।
चंडीगढ़ से आई फोरेंसिक टीम तैनात, पहली गोली के सुराग की तलाश
इस व्यापक तलाशी अभियान में चंडीगढ़ से आई विशेष फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की टीम के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी शामिल रहे। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मलबे के एक-एक हिस्से की बारीक जांच की। सूत्रों के अनुसार, घटना के दिन मेडिकल स्टोर के भीतर से जो पहली फायरिंग की गई थी, उससे जुड़े खोखे और अहम बैलिस्टिक साक्ष्य पहले चरण की छानबीन में टीम के हाथ नहीं लगे थे। इसी कड़ी को जोड़ने और अदालत में केस को पुख्ता सबूतों के साथ साबित करने के लिए सीबीआई ने विशेषज्ञों की मौजूदगी में दोबारा मलबा खंगालने की रणनीति अपनाई है।
दुकान तोड़ने के मामले में 1200 अज्ञात लोगों पर FIR, एसडीएम की निगरानी में कमेटी गठित
दूसरी ओर, तनावपूर्ण माहौल के बीच आरोपी अश्विनी कुमार की दुकान को गिराए जाने की घटना को लेकर थाना सिटी-2 में करीब 1200 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैरकानूनी रूप से संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जेसीबी से दुकान गिराने में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। वहीं, जांच प्रक्रिया में केंद्रीय एजेंसी के साथ प्रशासनिक समन्वय के लिए एसडीएम बलजीत कौर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है। इसमें तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट, नगर कौंसिल ईओ को नोडल अधिकारी सहित पीडब्ल्यूडी, पावरकॉम और बीडीपीओ स्तर के तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है।
‘पुलिस मुस्तैद होती तो जिंदा होता मेरा बेटा’: पिता भीम सिंह ने मानसा पुलिस पर जताई नाराजगी
सर्च ऑपरेशन के दौरान मौके पर पहुंचे मृतक परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे के दलदल से बाहर निकालने की लड़ाई लड़ते हुए उनके जवान बेटे ने अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वारदात वाले दिन मानसा पुलिस ने तनिक भी सतर्कता और मुस्तैदी दिखाई होती, तो आज उनका बेटा जिंदा होता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे मानसा पुलिस की अब तक की ढुलमुल कार्रवाई से पूरी तरह असंतुष्ट हैं और इंसाफ के लिए केंद्र सरकार व केंद्रीय गृह मंत्रालय से उच्च स्तरीय हस्तक्षेप की मांग करेंगे।


Jhota murder case: CBI swings into action, recovers evidence of the first gunshot from the debris of a shop




