गुरदासपुर: पंजाब की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को जमीनी स्तर पर बेहद जोरदार सियासी झटका लगा है। माझा और मालवा क्षेत्र में तेजी से बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच गुरदासपुर जिले के 46 मौजूदा व पूर्व सरपंचों और ‘आप’ के 5 दिग्गज स्थानीय नेताओं ने पार्टी को अलविदा कहते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। इसके साथ ही बठिंडा जिले से भी कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों ने भाजपा का झंडा उठा लिया है। ग्रामीण राजनीति की रीढ़ माने जाने वाले पंचायत प्रतिनिधियों के इस सामूहिक दलबदल ने सूबे के सियासी गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है।
ग्रामीण इलाकों में ‘आप’ के मजबूत किले में सेंध, भाजपा में शामिल हुए 46 सरपंच
पंजाब के ग्रामीण हलकों में सरपंच सीधे तौर पर आम जनता और मतदाताओं से जुड़े होते हैं। ऐसे में सीमावर्ती जिले गुरदासपुर से एक साथ 46 सरपंचों का भाजपा में शामिल होना सत्ताधारी दल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में अपने संगठन का विस्तार करने में जुटी भाजपा अब सीधे तौर पर देहाती और पंथिक वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब हो रही है। स्थानीय स्तर पर आम आदमी पार्टी के पांच पदाधिकारियों के पार्टी छोड़ने से यह साफ संकेत मिल रहा है कि जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष और नाराजगी का फायदा विपक्षी दल भुनाने में लगे हैं।
मालवा के बठिंडा में भी दिखा असर, नए सियासी समीकरणों की शुरुआत
माझा के गुरदासपुर के अलावा मालवा के केंद्र माने जाने वाले बठिंडा जिले से भी कई असरदार चेहरों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। एक ही दिन में माझा और मालवा, दोनों क्षेत्रों से जनप्रतिनिधियों का भाजपा की ओर रुख करना पंजाब की राजनीति में एक नए ध्रुवीकरण की ओर इशारा कर रहा है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और भविष्य के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा की ग्रामीण इलाकों में यह सक्रियता अन्य दलों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।
भाजपा का कुनबा बढ़ने से गरमाई सियासत, नेताओं के नामों की आधिकारिक सूची का इंतजार
इतनी बड़ी संख्या में नेताओं और पंचायत प्रतिनिधियों के पाला बदलने के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। जहां भाजपा खेमे में इस बड़े फेरबदल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी के रणनीतिकारों के लिए यह स्थिति चिंता का सबब बन गई है। फिलहाल भाजपा में शामिल होने वाले सभी सरपंचों और नेताओं के नामों की विस्तृत आधिकारिक सूची और उनकी औपचारिक ज्वॉइनिंग से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, जिसे पार्टी जल्द ही सार्वजनिक मंच से साझा कर सकती है।


Major political upheaval in Punjab: 46 sarpanchs from Gurdaspur and 5 prominent AAP leaders join the BJP




