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लुधियाना सेंट्रल जेल में औचक चेकिंग से हड़कंप, बैरकों से 4 मोबाइल और 86 ग्राम अफीम बरामद, 9 कैदियों पर केस दर्ज

लुधियाना: पंजाब की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली लुधियाना सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल के भीतर नशे और मोबाइल नेटवर्क की चेन तोड़ने के लिए चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान अलग-अलग बैरकों से चार मोबाइल फोन और 86 ग्राम अफीम बरामद की गई है। जेल प्रशासन की सख्ती के बाद नियमों की धज्जियां उड़ाने और प्रतिबंधित सामान रखने के आरोप में एक हवालाती समेत कुल नौ बंदियों के खिलाफ पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

सहायक सुपरिंटेंडेंट की छापेमारी में खुली पोल
केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक सुपरिंटेंडेंट जसविंदर सिंह की अगुवाई में सुरक्षा कर्मियों की टीम ने बैरकों में अचानक तलाशी अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण के दौरान कैदियों के कब्जे और उनके गुप्त ठिकानों से विभिन्न कंपनियों के चार कीपैड मोबाइल फोन और लिफाफों में छिपाकर रखी गई 86 ग्राम अफीम बरामद हुई। अधिकारियों के अनुसार, जेल में पकड़े जाने से बचने के लिए बंदी अक्सर छोटे साइज के साधारण मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। इस बरामदगी से स्पष्ट हो गया है कि सख्त पहरे के बावजूद जेल की चारदीवारी के भीतर नशीले पदार्थ और संचार उपकरण पहुंचाने का खेल बदस्तूर जारी है।

एक हवालाती समेत 9 बंदियों पर गिरी गाज
जेल प्रशासन की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने नौ आरोपियों के खिलाफ नामजद कार्रवाई की है। आरोपियों की पहचान सतनाम सिंह उर्फ शामा, मुकेश कुमार उर्फ मन्नू, सगरदीप सिंह उर्फ सेठी, प्रदीप कुमार, लखविंदर सिंह, सोहन चौरसिया, अजय कुमार उर्फ घोड़ा, मनदीप सिंह उर्फ परमजीत सिंह और गुरबख्श सिंह उर्फ गोरा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, नामजद आरोपियों में शामिल गुरबख्श सिंह उर्फ गोरा सेंट्रल जेल में विचाराधीन हवालाती के रूप में बंद है।

NDPS और नए जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना डिवीजन नंबर-7 की पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18, 61, 85 और ‘पंजाब प्रिज़न्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, 2026’ की धारा 42(2) व 48(II) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और मेटल डिटेक्टर्स को चकमा देकर मोबाइल फोन और अफीम की खेप बैरकों तक कैसे पहुंची। इसके पीछे जेल के बाहर से पैकेट फेंकने वाले गिरोह का हाथ है या फिर अंदरूनी मिलीभगत, इसकी भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

Surprise inspection at Ludhiana Central Jail causes a stir; 4 mobile phones and 86 grams of opium recovered