फगवाड़ा: फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए हालिया हिंसक बवाल और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए तीनों आरोपियों पर विश्वविद्यालय परिसर के भीतर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसक गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने निष्पक्ष और गहन तफ्तीश के लिए कुल दो विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो अलग-अलग स्तरों पर साक्ष्य जुटाने में लग गए हैं।
दर्ज मुकदमों की जांच के लिए बनाई गईं दो अलग-अलग SIT
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा के सिलसिले में दर्ज एफआईआर नंबर 163, एफआईआर नंबर 105 और एफआईआर नंबर 106 की बारीकी से जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। गठित की गई दो एसआईटी में से एक टीम को यूनिवर्सिटी परिसर और उसके नजदीकी इलाकों से तकनीकी साक्ष्य जुटाने की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जांच दल कैंपस और आसपास के मार्गों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की जांच करने और डिजिटल सबूत इकट्ठा करने में जुटा हुआ है, ताकि घटना के पीछे छिपे अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
फगवाड़ा कोर्ट में पेशी, 3 दिन के पुलिस रिमांड की मांग
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को पुलिस ने फगवाड़ा की स्थानीय अदालत में पेश किया है। पुलिस ने मामले की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने, अन्य सहयोगियों की पहचान करने और वारदात में इस्तेमाल हथियारों व सामान की बरामदगी के लिए अदालत से आरोपियों के 3 दिन के पुलिस रिमांड की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर का माहौल खराब करने या कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अन्य अहम खुलासे होने की उम्मीद है।


Major police action in the LPU violence case: 3 accused arrested for vandalism on campus; 2 SITs formed for the investigation




