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लुधियाना सेंट्रल जेल में हवाला रैकेट का भंडाफोड़, बंदियों ने खाते में ट्रांसफर करवाए 2 लाख रुपए; जेल महकमे में हड़कंप

लुधियाना: पंजाब की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली लुधियाना की केंद्रीय जेल (ताजपुर रोड) की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल की सलाखों के पीछे से हवाला के जरिए लाखों रुपये का अवैध लेन-देन करने और कैदियों के बीच हिंसक झड़प होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि जेल में बंद छह बंदियों ने मिलकर हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए अपने एक परिचित के बैंक खाते में करीब 2 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। इस खुलासे के बाद जेल महकमे में हड़कंप मच गया है।

सहायक सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर 6 बंदियों पर गिरी गाज
केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक सुपरिंटेंडेंट रिश्वपाल गोयल द्वारा पुलिस को दी गई आधिकारिक शिकायत के अनुसार, जेल के भीतर बंद हरीसिमरन सिंह मंड, जगवीर सिंह, जतिंदर सिंह, अभय, सजायाफ्ता कैदी गुरजीत सिंह उर्फ हरमन और हवालाती सुखमन इस पूरे गोरखधंधे में शामिल थे। इन सभी ने जेल की चारदीवारी के अंदर से ही हवाला ऑपरेटरों से संपर्क साधा और सुनियोजित तरीके से 2 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम अपने किसी जानकार के खाते में डलवाई। इस लेन-देन के दौरान जेल परिसर में बंदियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।

तलाशी में कीपैड मोबाइल बरामद, जेल की सुरक्षा में बड़ी सेंध
हवाला लेन-देन और हंगामे की भनक लगते ही जेल प्रशासन ने तुरंत संबंधित बैरकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल बाहर बैठे हवाला कारोबारियों और बैंक खाताधारकों से संपर्क साधने के लिए किया जा रहा था। अति-संवेदनशील जेल के भीतर मोबाइल फोन का पहुंचना और वहां से वित्तीय नेटवर्क संचालित होना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है।

BNS और नए जेल एक्ट के तहत केस दर्ज, कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
जेल प्रशासन की लिखित शिकायत के आधार पर थाना डिवीजन नंबर-7 की पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4) और पंजाब प्रिजन्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, 2026 की धारा 42(2) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि जेल के अंदर यह मोबाइल फोन किसकी मदद से पहुंचाया गया और जिस बैंक खाते में हवाला की रकम ट्रांसफर की गई, उसका असली मालिक कौन है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे हवाला सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गहन पूछताछ की जाएगी।

Hawala racket busted at Ludhiana Central Jail; inmates had ₹2 lakh transferred