चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में एक नया और अप्रत्याशित सियासी मोड़ देखने को मिल रहा है। असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की जमकर तारीफ किए जाने के बाद कांग्रेस के भीतर भारी खलबली मच गई है। सियासी पारा तब और ज्यादा चढ़ गया जब खुद चन्नी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर तरसेम सिंह की तारीफ वाला यह वीडियो साझा कर दिया। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है और कांग्रेस के भीतर अंदरूनी असहजता साफ तौर पर नजर आने लगी है।
सिख मसलों को उठाने पर अमृतपाल के पिता ने की सराहना
‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे तरसेम सिंह ने एक वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के रुख की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि चन्नी जिस तरह से खुलकर सिख समुदाय और पंथ से जुड़े अहम मुद्दों को उठा रहे हैं, वह काबिले-तारीफ है। यह पहला मौका नहीं है जब तरसेम सिंह ने चन्नी की पीठ थपथपाई हो। इससे पहले जब चन्नी ने लोकसभा में सांसद अमृतपाल सिंह के साथ हो रहे कथित अन्याय का मुद्दा उठाया था, तब भी तरसेम सिंह ने उनके बयान का पुरजोर समर्थन किया था। हालांकि, उस वक्त कांग्रेस नेतृत्व ने तुरंत इस बयान से पल्ला झाड़ते हुए पार्टी महासचिव जयराम रमेश के जरिए स्पष्ट किया था कि यह चन्नी का व्यक्तिगत विचार है, पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं।
सज्जन कुमार पर बयान के बाद बढ़ा सियासी तापमान
तरसेम सिंह की यह नई तारीफ ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में चन्नी ने 1984 सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार की पैरवी करने वाले अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला बोला था। चन्नी ने बेहद तल्ख लहजे में सज्जन कुमार को “सिखों का हत्यारा और मानवता का गद्दार” करार दिया था और कहा था कि वह किसी हमदर्दी के नहीं, बल्कि सरेआम फांसी दिए जाने के हकदार हैं। उनके इस आक्रामक तेवर के तुरंत बाद तरसेम सिंह का समर्थन भरा बयान सामने आना राज्य की सियासत में काफी अहम माना जा रहा है।
‘पंथक’ राजनीति में चन्नी की एंट्री से पार्टी के भीतर बेचैनी
कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चन्नी का यह रुख पार्टी के भीतर बेचैनी बढ़ा रहा है। दरअसल, कांग्रेस पारंपरिक रूप से विशुद्ध ‘पंथक’ राजनीति से एक तय दूरी बनाकर चलती रही है, लेकिन चन्नी अब सीधे तौर पर इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में कट्टरपंथी और पंथक वोट बैंक बेहद निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है, और चन्नी की इस पूरी कवायद को उसी सियासी समर्थन को अपने पाले में लाने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।


Amritpal’s father praises Channi, causing a stir within the Congress; former CM himself shares the video




