You are currently viewing पंजाब में 200 फीट ऊंचे हाई वोल्टेज टावर पर चढ़े दो बुजुर्ग, प्रशासन में हड़कंप, नीचे फेंका मांगपत्र… जानें क्या है पूरा विवाद

पंजाब में 200 फीट ऊंचे हाई वोल्टेज टावर पर चढ़े दो बुजुर्ग, प्रशासन में हड़कंप, नीचे फेंका मांगपत्र… जानें क्या है पूरा विवाद

पठानकोट: पठानकोट से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां अपनी मांगों को लेकर 80 साल से अधिक उम्र के दो बुजुर्ग अपनी जान की परवाह किए बिना 200 फीट ऊंचे हाई वोल्टेज बिजली के खंभे पर चढ़ गए हैं। यह हाई वोल्टेज टावर पठानकोट के डिप्टी कमिश्नर (DC) की रिहाइश के बिल्कुल पास स्थित है। टावर पर चढ़ने के बाद इन बुजुर्गों ने एक लिफाफे में अपना मांगपत्र नीचे फेंका और साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता, वे नीचे नहीं उतरेंगे। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फुला दिए हैं।

बार-बार के आश्वासनों से टूटा सब्र, प्रशासन से उठा भरोसा
अपनी जान जोखिम में डालने वाले इन बुजुर्गों की पहचान 81 वर्षीय कुलविंदर सिंह और 85 वर्षीय शर्म सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों बुजुर्ग डैम बैराज औसती (विस्थापित) संघर्ष कमेटी जैनी जुगियाल के सदस्य हैं। संघर्ष कमेटी और प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि प्रशासन का रवैया हमेशा से टालमटोल वाला रहा है। हर बार प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन दिए जाते हैं और धरना खत्म करवा दिया जाता है, लेकिन बाद में उनकी मांगों का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। इसी अनदेखी से परेशान होकर उन्होंने यह खौफनाक रास्ता चुना है।

32 कर्मचारियों की बहाली पर भड़के, अधिकारियों पर गंभीर आरोप
यह पूरा विवाद शाहपुरकंडी बैराज प्रोजेक्ट में हुई कथित धांधली से जुड़ा है। टावर से नीचे फेंके गए मांगपत्र के मुताबिक, प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी बनाए गए अमृतसर के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता जगदीश राज ने मामले की जांच की थी। उस जांच में 32 कर्मचारियों को गलत तरीके से नौकरी हासिल करने का दोषी पाया गया था, जिसके बाद पंजाब सरकार ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बाद में अधिकारी अरविंद कुमार ने इस मामले की दोबारा जांच की और बर्खास्त कर्मचारियों को फिर से बहाल कर दिया। मांगपत्र में इस पूरी बहाली प्रक्रिया में चीफ इंजीनियर शेर सिंह की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

13वीं बार दी बड़ी चेतावनी, नुकसान का जिम्मेदार होगा प्रशासन
अपनी मांगों पर अड़े बुजुर्गों ने मांगपत्र के जरिए डैम प्रशासन और सरकार को खुली चेतावनी दी है। पत्र में लिखा गया है कि यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि वे पानी की टंकी, ऊंचे टावर या किसी सरकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना लगा देंगे। उन्होंने इसे 13वीं बार टावर पर चढ़कर प्रदर्शन करने की चेतावनी करार देते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में अगर किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ डैम प्रशासन की होगी।

Two elderly men climbed a 200-foot-high voltage tower in Punjab, causing a stir among the administration