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सांसद अमृतपाल सिंह के अलावा परिवार का कोई सदस्य नहीं लड़ेगा चुनाव, पिता तरसेम सिंह का बड़ा ऐलान

अमृतसर: असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के परिवार ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने साफ शब्दों में ऐलान किया है कि अमृतपाल के अलावा उनके परिवार का कोई भी अन्य सदस्य चुनावी मैदान में नहीं उतरेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका परिवार खुद को ‘परिवारवाद’ की राजनीति से पूरी तरह दूर रखना चाहता है और पंजाब के सच्चे व समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे लाने के पक्ष में है।

परिवारवाद खत्म करने के लिए लिया गया अहम फैसला
वर्तमान में ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे तरसेम सिंह ने बताया कि यह फैसला परिवारवाद की राजनीति को खत्म करने के सिद्धांत पर लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं, समर्पित नेताओं और युवाओं को मौका देना है ताकि वे नेतृत्व की कमान संभाल सकें और पंजाब व पंथ के मुद्दों के लिए खुलकर काम कर सकें।

सत्ता की चाह नहीं, सिर्फ संघर्ष का समर्थन करेगा परिवार
तरसेम सिंह ने कहा कि परिवार की भूमिका केवल पंजाब और पंथ के संघर्ष का समर्थन करने तक सीमित रहेगी, न कि कई राजनीतिक पद हासिल करने की। उन्होंने राज्य के काबिल, ईमानदार और निष्ठावान लोगों से आगे आकर राज्य का नेतृत्व करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद ऐसे लोगों को मंच देना है जो बिना किसी निजी स्वार्थ के पंजाब की भलाई के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

पार्टी पदों और संगठन से दूर हैं अन्य पारिवारिक सदस्य
अमृतपाल सिंह की माता बलविंदर कौर लगातार एनएसए (NSA) हटाने और अमृतपाल की रिहाई के लिए चलाए जा रहे अभियानों में शामिल रही हैं, लेकिन तरसेम सिंह ने स्पष्ट किया कि वह पार्टी में किसी पद पर नहीं हैं और न ही संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेती हैं। इसके अलावा अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह मार्च 2023 से जेल में बंद हैं। परिवार के अन्य सदस्य पार्टी की मुहिमों का समर्थन जरूर करते हैं, लेकिन किसी के पास भी पार्टी का कोई आधिकारिक पद नहीं है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन विस्तार की तैयारी
तरसेम सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने में जुटी हुई है। पार्टी अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं की अधिकतम भागीदारी पर जोर दे रही है। ऐसे में परिवार के किसी अन्य सदस्य के चुनाव न लड़ने के फैसले को पंजाब की राजनीति में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

Apart from MP Amritpal Singh, no other family member will contest the election