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पंजाब बंद: AAP सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरा वाल्मीकि समाज, कई नामी स्कूलों में छुट्टी; गूंजे भगवंत मान ‘मुर्दाबाद’ के नारे

जालंधर: बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज का गुस्सा लगातार उबल रहा है। इस घटना से भारी आक्रोश में आए विभिन्न वाल्मीकि संगठनों ने एकजुट होकर आज ‘पंजाब बंद’ का जोरदार आह्वान किया है। इस बंद का सीधा और व्यापक असर जालंधर सहित राज्य के कई प्रमुख हिस्सों में देखने को मिल रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा और एहतियात के तौर पर कई शैक्षणिक संस्थानों ने अपने परिसर पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

सड़कों पर उतरा समाज, गूंजे सीएम भगवंत मान ‘मुर्दाबाद’ के नारे

बरनाला में हुए लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज के लोग भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान गुस्साए लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीएम भगवंत मान ‘मुर्दाबाद’ और ‘पंजाब सरकार मुर्दाबाद’ के जोरदार नारे लगाए। सड़कों पर उतरे समाज के नेताओं का स्पष्ट कहना है कि मौजूदा सरकार के शासन में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर लाठियां बरसाना बेहद निंदनीय है, और जब तक पूरे मामले में पूर्ण न्याय नहीं मिलता, उनका यह तीव्र विरोध जारी रहेगा।

जालंधर के कई बड़े स्कूलों में अवकाश, ऑनलाइन मोड में शुरू हुई पढ़ाई

पंजाब बंद के मद्देनजर जालंधर के कई प्रमुख स्कूलों ने छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आज तत्काल छुट्टी घोषित कर दी है। शहर के नामी संस्थानों जैसे एमजीएन स्कूल, सेठ हुक्म चंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को सुबह ही स्कूल बंद रहने का संदेश भेज दिया गया। हालांकि, बच्चों की शैक्षणिक पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए स्कूल प्रबंधनों ने त्वरित रूप से व्यवस्था बदलते हुए ऑनलाइन क्लासेस के जरिए नियमित पढ़ाई सुचारू रखी है।

शाम 5 बजे तक बाजार और परिवहन सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका

वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने आम जनता, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और समाज के विभिन्न वर्गों से एकजुट होकर इस बंद का समर्थन करने और उनके संघर्ष में साथ देने की पुरजोर अपील की है। संगठनों द्वारा दिए गए आह्वान के अनुसार आज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और परिवहन सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। हालांकि, किसी भी व्यापारिक या बाजार एसोसिएशन ने अपनी तरफ से बंद के समर्थन की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, फिर भी संभावित तनाव और स्थिति को देखते हुए लोग और दुकानदार भारी एहतियात बरत रहे हैं।

डीएसपी के सस्पेंशन के बाद भी नहीं थमा आक्रोश

गौरतलब है कि 22 जुलाई को बरनाला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर लाठीचार्ज किया गया था। इस घटना के बाद पूरे राज्य में मामला गरमा गया था, जिस पर पंजाब सरकार ने कार्रवाई करते हुए बरनाला के डीएसपी को सस्पेंड कर दिया था। इसके बावजूद वाल्मीकि समाज का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। उनका कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई महज एक दिखावा है।

निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग

वाल्मीकि समाज के नेताओं का कहना है कि बरनाला की घटना के बाद से ही पूरे समुदाय में सरकार और प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है। समाज ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग रखी है। इसके साथ ही उनकी मुख्य मांग है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित सफाई कर्मचारियों को बिना किसी देरी के इंसाफ दिलाया जाए।

Major impact of the Punjab shutdown: Several prominent schools in Jalandhar are closed