नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एक महीने से भी अधिक समय से चल रहा देशव्यापी छात्र आंदोलन आखिरकार रंग लाया है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के भारी दबाव में आकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा की गई 26 दिनों की भूख हड़ताल और युवाओं के लगातार बढ़ते गुस्से के बाद उठाए गए इस बड़े कदम से जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों के बीच भारी जश्न का माहौल है।
‘पहले ही दिन से ली जिम्मेदारी, छात्रों के साथ नहीं होने दूंगा अन्याय’
सोशल मीडिया पर जारी किए गए अपने एक लंबे संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस पूरे विवाद की जिम्मेदारी पहले ही दिन से ले ली थी और कभी भी कठिन परिस्थितियों से मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने लिखा कि उनका सदैव यह दृढ़ संकल्प रहा है कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण खराब न होने पाए। पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि हम किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे और देश की युवा पीढ़ी के सपनों व उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का दिल से सम्मान करते हैं।
राष्ट्र विरोधी ताकतों और छात्रों के भविष्य का दिया हवाला
अपने इस्तीफे के पीछे की मुख्य वजह बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर और पूरे देश में जो भ्रम व असंतोष की स्थिति बनी हुई है, उसका कोई भी राष्ट्र विरोधी ताकत गलत फायदा न उठाए, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि देश की एकता हर हाल में बनी रहे और भारत के किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, यही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे चाहते हैं कि सभी बच्चे अपना पूरा समय मन लगाकर पढ़ाई में लगाएं और अपने करियर पर फोकस करें। अपने संदेश के अंत में उन्होंने लिखा कि वे प्रभु जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए खुद को हर संभव रूप में समर्पित रखेंगे।
CJP प्रमुख बोले- ‘झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से डटे छात्रों और प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस आंदोलन की अगुवाई कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जमकर जश्न मनाया। इस ऐतिहासिक मौके पर पार्टी के संस्थापक प्रमुख अभिजीत दिपके ने सरकार पर करारा तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग अक्सर कहते थे कि इस सरकार में कभी किसी के इस्तीफे नहीं होते, लेकिन आज देश के युवाओं ने साबित कर दिया है कि झुकती है दुनिया, बस झुकाने वाला चाहिए।


The government bowed to the NEET movement, Education Minister Dharmendra Pradhan resigned








