चंडीगढ़: अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की सुगबुगाहट के बीच पंजाब के किसानों का गुस्सा एक बार फिर उग्र रूप ले चुका है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को चंडीगढ़ की सड़कों पर उतरे सैकड़ों किसानों और पुलिस के बीच उस वक्त भारी बवाल हो गया, जब वे उग्र प्रदर्शन करते हुए सीधे भाजपा कार्यालय का घेराव करने निकल पड़े। बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश में किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे काफी देर तक इलाके में भारी तनाव की स्थिति बनी रही।
पुलिस ने रास्ते में रोका तो भड़क गए अन्नदाता
पंजाब के अलग-अलग जिलों से बड़ी तादाद में किसान सेक्टर-35 स्थित किसान भवन में इकट्ठा हुए थे। यहां से जैसे ही इस बड़े हुजूम ने विकास भवन से होते हुए बीजेपी मुख्यालय की तरफ अपना मार्च शुरू किया, पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस की इस सख्ती से किसान भड़क गए और आगे बढ़ने की जिद पर अड़ गए। इसी आपाधापी में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस के कड़े पहरे के चलते जब किसान आगे नहीं बढ़ पाए, तो उन्होंने वहीं सड़क पर डेरा डाल लिया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
बीजेपी अध्यक्ष ने संभाला मोर्चा, दिया 2 दिन का भरोसा
हालात को तनावपूर्ण होता देख पुलिस प्रशासन ने तुरंत समझदारी दिखाई और स्थिति को शांत करने के लिए चंडीगढ़ बीजेपी के प्रधान जतिंदर मल्होत्रा को मौके पर बुला लिया। मल्होत्रा ने प्रदर्शनकारी किसानों के बीच पहुंचकर उनके नेताओं के साथ सड़क पर ही एक अहम बातचीत की। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद बीजेपी अध्यक्ष जतिंदर मल्होत्रा ने उन्हें स्पष्ट आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह इस पूरे मसले पर डीजीपी से गंभीरता से बात करेंगे और महज दो दिन के भीतर किसानों को इसका उचित समाधान और जवाब दिया जाएगा। इस पक्के आश्वासन के बाद ही किसानों का गुस्सा शांत हुआ।


Farmers took to the streets in Chandigarh; a heated clash broke out between the farmers








