यमुनानगर: रोजी-रोटी कमाने समंदर के रास्ते विदेश गए हरियाणा के एक होनहार युवक की जिंदगी यूक्रेन में हुए एक खौफनाक मिसाइल हमले में हमेशा के लिए खत्म हो गई। यमुनानगर का रहने वाला यह नौजवान मर्चेंट नेवी के एक जहाज पर तैनात था, जो यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकलते ही मिसाइल की चपेट में आ गया। इस दिल दहला देने वाली खबर ने पीछे छूट गए उसके हंसते-खेलते परिवार को बुरी तरह उजाड़ कर रख दिया है। घर के इकलौते बेटे की महज डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी और अब उसकी 6 महीने की मासूम बेटी के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया है।
ओडेसा बंदरगाह पर ‘गोल्डन लियो’ जहाज पर हुआ हमला
यमुनानगर जिले के पंजेटों गांव के रहने वाले गुरप्रीत सिंह बाथ मर्चेंट नेवी में सेलर (नाविक) के पद पर तैनात थे। जानकारी के मुताबिक, 19 जुलाई को जिस वक्त यह दर्दनाक हादसा हुआ, वह ‘गोल्डन लियो’ नामक एक मर्चेंट वेसल (व्यापारिक जहाज) पर अपनी ड्यूटी पर थे। यह जहाज जैसे ही यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ, तभी इसे निशाना बनाते हुए एक बड़ा मिसाइल हमला किया गया। बताया जा रहा है कि हमले के वक्त इस जहाज पर गुरप्रीत समेत कुल 17 क्रू मेंबर्स सवार थे।
इकलौता बेटा था गुरप्रीत, फोन पर मिली मौत की खबर
गुरप्रीत के छिन जाने की यह खबर सोमवार दोपहर को शिपिंग कंपनी द्वारा किए गए एक फोन कॉल के जरिए परिवार तक पहुंची। यह खबर सुनते ही पूरे पंजेटों गांव में मातम पसर गया और रोते-बिलखते परिवार को सांत्वना देने वालों की भीड़ लग गई। रुंधे गले से गुरप्रीत के पिता कीर्तन सिंह ने बताया कि उनका बेटा उनके बुढ़ापे का इकलौता सहारा था। उसकी मौत की खबर से पत्नी बेसुध है और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
भारत सरकार से पार्थिव शरीर वापस लाने की मार्मिक गुहार
जवान बेटे को खोने के गहरे सदमे में डूबे परिवार ने अब भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। शोक संतप्त परिवार और गांव के लोगों ने सरकार से अपील की है कि उनके बेटे गुरप्रीत के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस लाने का प्रबंध किया जाए, ताकि उसके पैतृक गांव पंजेटों में रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।


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