फरीदकोट: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अफसरों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में बड़े पैमाने पर हाईटेक नकल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरे विवाद पर अब बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) प्रशासन ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें प्रश्नपत्र लीक होने की बात कही जा रही थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का पेपर बिल्कुल लीक नहीं हुआ था, बल्कि कुछ शातिर अभ्यर्थियों ने परीक्षा शुरू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल करके नकल करने की कोशिश की थी।
454 पदों के लिए मैदान में थे 6 हजार से ज्यादा उम्मीदवार
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के सख्त निर्देशों के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अफसरों के कुल 454 पदों को भरने के लिए इस महत्वपूर्ण लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में अपना भविष्य संवारने के लिए कुल 6,474 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, लेकिन कुछ लोगों ने शॉर्टकट अपनाकर पूरी प्रक्रिया में सेंधमारी करने का प्रयास किया।
फ्लाइंग स्क्वाड की मुस्तैदी से खुला राज, पुलिस का बड़ा एक्शन
इस हाईटेक नकल रैकेट का पर्दाफाश यूनिवर्सिटी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के चलते संभव हो सका। सबसे पहले बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने ही फरीदकोट के एक परीक्षा केंद्र में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करते हुए एक परीक्षार्थी को रंगे हाथों धर दबोचा था। इसी गिरफ्तारी के बाद पूरे रैकेट की परतें खुलनी शुरू हुईं। पुलिस की गहराई से की गई जांच और खुफिया इनपुट के आधार पर यूनिवर्सिटी को 28 ऐसे संदिग्ध परीक्षार्थियों की सूची मिली। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन सभी 28 संदिग्ध परीक्षार्थियों को हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही, इस पूरे हाईटेक नकल रैकेट का ताना-बाना बुनने वाले और इसे संचालित करने वाले 7 मुख्य मास्टरमाइंडों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे अब मामले की आगे की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।


High-tech cheating racket—reminiscent of the ‘Munna Bhai’ style—busted during the Pharmacy Officer recruitment exam








