लुधियाना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से ठीक पहले राज्य में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच एक बड़ा एक्शन देखने को मिला है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए लुधियाना में शिवसेना के कई बड़े नेताओं को एहतियातन उनके ही घरों में नजरबंद कर दिया है। शुक्रवार सुबह से ही इन नेताओं के घरों के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया है और किसी को भी घर की दहलीज से बाहर कदम रखने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
पीएम मोदी के काफिले का घेराव करने की दी थी चेतावनी
दरअसल, प्रशासन की इस कार्रवाई के पीछे एक बड़ी वजह है। शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय प्रधान संजीव घनौली ने हाल ही में ऐलान किया था कि लुधियाना में हिंदू नेताओं पर दर्ज हो रहे कथित झूठे मुकदमों के विरोध में प्रधानमंत्री के काफिले का घेराव किया जाएगा। इसी चेतावनी के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया। आनन-फानन में राजीव टंडन, भानू प्रताप, पवन मान और संदीप थापर समेत कई प्रमुख नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है। वहीं, रोपड़ में संजीव घनोली के घर के बाहर भी भारी पुलिस बल तैनात कर हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
सोमवार को विशाल धरने का अल्टीमेटम, गृह मंत्रालय तक जाने की तैयारी
पुलिस की इस कार्रवाई से भड़के शिवसेना नेताओं ने प्रशासन पर उनकी आवाज दबाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। संजीव घनौली ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि हिंदू नेताओं पर दर्ज झूठे मामले तुरंत रद्द नहीं किए गए, तो सोमवार को लुधियाना में एक विशाल धरना दिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय तक कूच करने की रणनीति भी बनाई जा रही है। वहीं, भानू प्रताप ने इस कार्रवाई को कट्टरवादियों को खुश करने की साजिश करार देते हुए कहा कि आतंकवाद के काले दौर में पंजाब में 35 हजार हिंदू मारे गए थे, और आज जब वे अपने हक की आवाज उठा रहे हैं तो उन पर ही मुकदमे थोपे जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ प्रधानमंत्री के दौरे को सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए की गई है।


Plans were afoot to block PM Modi’s convoy; Punjab Police took major action




