नई दिल्ली: अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारत से जुड़े कथित गैंगस्टर नीतीश कौशल उर्फ “लाला” को अपनी ‘मोस्ट वांटेड’ (Most Wanted) सूची में शामिल कर लिया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि नीतीश कौशल पंजाब के कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध सिंडिकेट का एक मुख्य सदस्य है। यह गिरोह हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और अन्य अंतरराष्ट्रीय (ट्रांसनेशनल) अपराधों में लिप्त है।
पंजाब से कैलिफोर्निया तक फैला जग्गू भगवानपुरिया का नेटवर्क
FBI के मुताबिक, भारतीय नागरिक नीतीश कौशल जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप (OCG) के लिए काम करता है, जिसकी शुरुआत पंजाब से हुई थी लेकिन अब इसने अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कई राज्यों में अपने पैर पसार लिए हैं। एजेंसी का आरोप है कि कौशल ने इस सिंडिकेट की तरफ से कई हिंसक वारदातों, अपहरणाें और हमलों को अंजाम दिया है। इस संबंध में कैलिफोर्निया की अमेरिकी जिला अदालत द्वारा बीते 25 जून को उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। कौशल पर अमेरिकी कानून के तहत रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (RICO) एक्ट के तहत साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। FBI ने चेतावनी दी है कि कौशल को “सशस्त्र और खतरनाक” माना जाए।
‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स पर बड़ा एक्शन
यह घटनाक्रम अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा “ऑपरेशन हार्ड बॉल” के तहत तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट्स के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई के बाद सामने आया है। इस साझा ऑपरेशन में अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं। अमेरिकी अभियोजकों ने जेल में बंद पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया, लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के खिलाफ बड़े आरोप पत्र दाखिल किए हैं।
निज्जर हत्याकांड को लेकर अमेरिकी कोर्ट में बड़ा दावा
पिछले हफ्ते खोले गए एक अमेरिकी आरोप पत्र में पहली बार यह दावा किया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने ही जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। हालांकि, भारत सरकार कनाडा के उन दावों को हमेशा से खारिज करती रही है जिनमें निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों का हाथ होने का आरोप लगाया गया था।
इस बहुराष्ट्रीय जांच के तहत अब तक अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 37 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं और 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने करीब एक टन कोकीन, हेरोइन, भारी मात्रा में हथियार और कैश बरामद किया है।
भारत सरकार ने दी प्रतिक्रिया, अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दिया जोर
इस पूरे मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने कहा, “हमने अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्कों के खिलाफ की गई कार्रवाई की घोषणाओं को देखा है। भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि संगठित अपराध, आतंकवाद, ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और अवैध हथियारों का नेटवर्क हमारे समाजों के लिए एक गंभीर खतरा हैं।”
विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने में मजबूत सहयोग है। जब प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई सहित किसी भी आरोपी के प्रत्यर्पण (Extradition) के लिए भारत से संपर्क किया है, तो उन्होंने किसी भी विशिष्ट टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि प्रत्यर्पण का कोई भी मामला स्थापित कानूनी दायित्वों और लागू न्यायिक प्रक्रियाओं के अनुसार ही निपटाया जाएगा।


Punjab gangster added to FBI’s most wanted list, linked to Lashkar-like syndicates and Nijjar murder




