फरीदकोट: फरीदकोट स्थित गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे मेडिकल सिस्टम और इंसानियत को तार-तार कर दिया है। यहां इलाज के दौरान एक लावारिस मरीज की मौत हो जाने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उसका शव सुरक्षित मोर्चरी में रखने के बजाय अस्पताल परिसर के बाहर फेंक दिया। इस अमानवीय कृत्य की भनक लगते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया, जिसके बाद भारी फजीहत झेल रहा अस्पताल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और आनन-फानन में शव को सड़क से उठाकर मोर्चरी में रखवाया।
सर्जन के खौफनाक आदेश पर सड़क किनारे फेंका गया शव
हैरान कर देने वाले इस मामले की शुरुआत करीब एक सप्ताह पहले हुई थी, जब फिरोजपुर पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति को गंभीर घायल अवस्था में इलाज के लिए गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। इस लावारिस व्यक्ति का इलाज अस्पताल के सर्जरी विभाग में चल रहा था। सोमवार रात उपचार के दौरान मरीज की सांसें टूट गईं। आरोप है कि मौत के बाद सर्जरी विभाग में तैनात एक हाउस सर्जन (एच.जी. डॉक्टर) के संवेदनहीन निर्देशों का पालन करते हुए अस्पताल के कर्मचारियों ने शव को रामबाग के पास लावारिस हालत में फेंक दिया।
पट्टियों में लिपटा शव देख लोगों के उड़े होश
सड़क किनारे पड़े इस शव पर जब वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर पड़ी, तो उनके होश उड़ गए। लोगों ने तुरंत इस डरावने मंजर की सूचना समाजसेवी संस्था ‘सहारा सोसायटी’ के प्रधान अशोक भटनागर को दी। मौके पर पहुंचे भटनागर ने जब बारीकी से देखा कि मृतक के शरीर पर अस्पताल की मेडिकल पट्टियां बंधी हुई हैं, तो उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि यह अस्पताल का ही मरीज है जिसे लावारिस छोड़ दिया गया है। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में शव को तुरंत मोर्चरी में शिफ्ट करा दिया गया है और अब मृतक की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
लापरवाही पर बड़ा एक्शन, हाउस सर्जन तुरंत प्रभाव से निलंबित
नियमों के अनुसार, किसी भी लावारिस मरीज की मौत होने पर शव को सुरक्षित मोर्चरी में रखकर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया जाना अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में घोर लापरवाही बरती गई। मामले के तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मेडिकल अधीक्षक डॉ. नीतू कुक्कड़ ने स्पष्ट किया है कि इस खौफनाक घटना की गहनता से जांच के लिए एक विशेष विभागीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। इसके साथ ही, मामले में घोर लापरवाही बरतने वाले संबंधित हाउस सर्जन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


Such brutality towards the dead… Body of unclaimed patient dumped on the road after death




