You are currently viewing पंजाब कांग्रेस में बड़ा उलटफेर, हाईकमान के सख्त रुख के आगे झुका चन्नी गुट, बोले- ऑल इज वेल

पंजाब कांग्रेस में बड़ा उलटफेर, हाईकमान के सख्त रुख के आगे झुका चन्नी गुट, बोले- ऑल इज वेल

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से चल रही गुटबाजी और बगावती राजनीति में एक बड़ा मोड़ आ गया है। पार्टी हाईकमान द्वारा लगातार किनारा किए जाने और सख्त रुख अपनाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के गुट के तेवर अब ढीले पड़ गए हैं। कल तक प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत और जालंधर कैंट के विधायक प्रगट सिंह के बोल अचानक बदल गए हैं। अब चन्नी गुट के नेता ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मिलकर अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि पार्टी में किसी से कोई नाराजगी नहीं है।

दिल्ली में नहीं मिला समय, राणा गुरजीत के घर बनी नई रणनीति
अपने सियासी रसूख का प्रदर्शन करने के लिए पूर्व सीएम चन्नी दिल्ली जाकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी या उनकी टीम से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन हाईकमान की तरफ से उन्हें समय नहीं दिया गया। दिल्ली के दरवाजे बंद होने के बाद चन्नी गुट ने चंडीगढ़ में विधायक राणा गुरजीत के घर पर अपनी तीसरी अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में रणनीति बदलते हुए फैसला लिया गया कि सांसद रंधावा समेत गुट के दो प्रमुख नेता पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे। सुर बदलते ही सांसद रंधावा ने कहा कि पूरी पंजाब कांग्रेस एकजुट है और सभी मामले मिलकर सुलझा लिए जाएंगे। वहीं, राणा गुरजीत ने ‘ऑल इज वेल’ का नारा दिया और विधायक प्रगट सिंह ने भी किसी भी तरह के डेडलॉक से साफ इनकार किया है।

भूपेश बघेल का दो टूक संदेश, कहा- यह कोई गुड्डे-गुड्डी का खेल नहीं
पंजाब के पांच दिवसीय दौरे पर आए AICC प्रभारी भूपेश बघेल ने बागी गुट को पहले ही सख्त संदेश दे दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि राज्य में हाईकमान का फैसला किसी भी कीमत पर नहीं बदलेगा। चन्नी गुट की जिद पर चुटकी लेते हुए बघेल ने यहां तक कह दिया कि यह कोई गुड्डे-गुड्डी का खेल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चन्नी और उनके समर्थकों को पार्टी हाईकमान का फैसला हर हाल में मानना ही होगा। अपने खेमे में 7 विधायकों और एक सांसद का दम भरने वाले चन्नी गुट को संगठन की असली ताकत दिखाते हुए बघेल ने याद दिलाया कि राज्य के 23 जिलों के प्रधान मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन पर चुनाव प्रचार और काम के लिए जिला प्रधान ही सबसे अहम होते हैं, इसीलिए हाईकमान वड़िंग पर पूरा भरोसा जता रहा है।

पंजाब की राजनीति के लिए अगले दो दिन बेहद अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के लिए आने वाले दो दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं। अगर हाईकमान की सख्ती के आगे चन्नी का समर्थन कर रहे नेता टूट जाते हैं, तो पूर्व मुख्यमंत्री को भविष्य में संगठन के भीतर कोई खास तरजीह नहीं मिलेगी। हालांकि, अगर चन्नी गुट पूरी तरह एकजुट रहने में कामयाब रहता है, तो दलित वोट बैंक पर पड़ने वाले संभावित असर के डर से पार्टी हाईकमान आने वाले दिनों में चन्नी को बातचीत के लिए बुला सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें चन्नी गुट के नेताओं और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के बीच होने वाली संभावित मुलाकात पर टिकी हुई हैं।

Major shake-up in Punjab Congress; Channi faction yields to High Command’s firm stance