जालंधर: जालंधर के संविधान चौक पर आज ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाली स्कूल बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान यातायात नियमों और बच्चों की सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने वाले बस चालकों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए चालान काटे गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाल विकास विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया गया था, जिसके आधार पर बाल विकास विभाग की टीम के साथ मिलकर इस संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जांच के दौरान कई स्कूल बसों में तय क्षमता (कैपेसिटी) से कहीं ज्यादा बच्चे बैठे पाए गए, जबकि कई वाहनों में फायर सेफ्टी सिस्टम सहित सुरक्षा के अन्य बुनियादी इंतजामों में भारी कमियां मिलीं।
दस्तावेजों की कमी, मेडिकल किट गायब और महिला कर्मी भी नहीं मिलीं
बाल विकास अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि माता-पिता अपने बच्चों को पूरी सुरक्षा की उम्मीद के साथ स्कूल बसों में भेजते हैं। उनकी चाहत होती है कि बच्चे सुरक्षित स्कूल पहुंचे और सुरक्षित ही घर वापस लौटें। इसी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आज पुलिस के साथ मिलकर यह विशेष अभियान चलाया गया। जांच के दौरान यह चौंकाने वाले तथ्य सामने आए कि कई बस चालकों के पास जरूरी दस्तावेज ही मौजूद नहीं थे। इसके अलावा, कई बसों में अनिवार्य होने के बावजूद कोई महिला कर्मचारी मौजूद नहीं थी। वाहनों में पॉल्यूशन सर्टिफिकेट का न होना, फायर सेफ्टी सिस्टम का एक्सपायर होना, फर्स्ट-एड (मेडिकल) किट का न होना और क्षमता से अधिक बच्चों का बस में सफर करना जैसी कई गंभीर खामियां पकड़ी गईं, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए चालान किए गए।
ई-रिक्शा चालकों पर भी शिकंजा, कई वाहन किए गए जब्त
पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर शुरू की गई यह मुहिम आगे भी इसी तरह निरंतर जारी रहेगी। बाल विकास अधिकारी ने भी बताया कि स्कूलों में छुट्टियां होने के कारण इस अभियान को कुछ समय के लिए रोका गया था, जिसे अब फिर से तेज कर दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ भी सख्त मुहिम छेड़ रखी है। नियमों का उल्लंघन करने और मनमानी करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत अब तक कई ई-रिक्शा को जब्त भी किया जा चुका है।
डिप्टी कमिश्नर दफ्तर में बुलाकर प्रिंसिपलों को जारी की गईं हिदायतें
अभियान के प्रभाव को लेकर अधिकारियों ने बताया कि इस सख्त कार्रवाई से शहर में सकारात्मक असर पड़ेगा और सुरक्षा मानकों में सुधार होगा। इस संबंध में शहर के विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपलों को डिप्टी कमिश्नर (DC) दफ्तर बुलाकर पहले ही सख्त हिदायतें जारी की जा चुकी हैं। अधिकारियों ने स्कूल प्रिंसिपलों से खास अपील की है कि वे स्वयं अपने स्तर पर स्कूल बसों की नियमित जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि हर बस में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महिला कर्मचारी का होना अनिवार्य रूप से लागू हो। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


Traffic police take strict action against school buses in Jalandhar; challans issued for violations








