पठानकोट: बरसात के मौसम में जहां नदियों और दरियाओं के पास जाना बेहद खतरनाक माना जाता है, वहीं पंजाब के रावी दरिया से लापरवाही और मौत को दावत देने वाली हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ दरिया के बीचों-बीच मौजूद पत्थरों पर टेंट लगाकर नहाते और मौज-मस्ती करते दिखाई दे रहे हैं। हालत यह है कि युवा दरिया की तेज धाराओं के बीच बैठकर बीयर और अन्य खाने-पीने की चीजों के साथ पार्टियां कर रहे हैं। मानसून का सीजन शुरू हो चुका है और रंजीत सागर डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, ऐसे में किसी भी पल जलस्तर बढ़ने से यहां एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता है।
दरिया के बीचों-बीच टेंट और बीयर पार्टी, प्रशासन बेखबर
रोजाना भारी संख्या में लोग अपनी गाड़ियां दरिया से पहले ही खुले स्थान पर पार्क करके जान जोखिम में डालते हुए बीच रावी दरिया तक पहुंच रहे हैं। लोग सड़क से करीब आधा किलोमीटर नीचे उतरकर पथरीले रास्तों से होते हुए बच्चों को दरिया के बीचों-बीच ले जा रहे हैं। वहां युवाओं की टोलियां बेखौफ होकर पानी के बीच बैठकर शराब और बीयर की पार्टियां कर रही हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस गंभीर खतरे के बावजूद स्थानीय जिला प्रशासन पूरी तरह से बेखबर और मौन बना हुआ है। हादसों को न्योता देने वाले इन संवेदनशील स्थानों पर न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं और न ही लोगों को दरिया के बीच जाने से रोकने के लिए कोई कार्रवाई की जा रही है।
पिछले साल मची थी भीषण तबाही, फिर भी लोगों ने नहीं लिया सबक
रावी दरिया का इतिहास बेहद खतरनाक रहा है, फिर भी लोग पुरानी त्रासदियों को भूलकर अपनी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में जब रंजीत सागर डैम से अचानक लाखों क्यूसेक पानी रावी दरिया में छोड़ दिया गया था, तब इलाके में भीषण तबाही मची थी। उस बाढ़ की चपेट में आने से माधोपुर, सुजानपुर, बॉर्डर क्षेत्र के कोलियां अड्डा और कथलौर इलाके बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। उस भयावह मंजर को देखने के बावजूद लोग इस बरसात के मौसम में भी दरिया के बीचों-बीच जाकर पिकनिक मना रहे हैं।
अचानक बढ़ा जलस्तर तो पत्थरों पर भागना भी होगा मुहाल
मौजूदा समय में बरसात का सीजन पूरे उफान पर है और रंजीत सागर डैम से रोजाना करीब 15 हजार क्यूसेक पानी दरिया में छोड़ा जा रहा है। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण डैम से कभी भी और अधिक पानी रावी दरिया में छोड़ा जा सकता है। अगर अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़ दिया गया, तो दरिया का जलस्तर पलक झपकते ही कई फीट बढ़ जाएगा। ऐसी स्थिति में दरिया के बीचों-बीच मौज-मस्ती कर रहे लोगों को अपनी जान बचाने का मौका भी नहीं मिलेगा, क्योंकि जहां लोग टेंट लगाकर बैठे हैं, वहां दूर-दूर तक सिर्फ बड़े और चिकने पत्थर ही पत्थर हैं। उन पत्थरों पर तेजी से चलना भी बेहद मुश्किल होता है, ऐसे में अचानक पानी का तेज बहाव आने पर भागकर जान बचाना पूरी तरह से नामुमकिन साबित होगा।


People are holding a beer party in tents pitched right in the middle of the Ravi River








